UAE Dirham Update: यूएई दिरहम में जबरदस्त उछाल, भारतीय रुपये के मुकाबले पार किया 26.1 का आंकड़ा

यूएई में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। 16 सितंबर 2026 तक, UAE Dirham ने भारतीय रुपये के मुकाबले एक मजबूत स्तर हासिल कर लिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार के आंकड़ों के अनुसार, एक यूएई दिरहम की कीमत ₹26.10 से ₹26.14 के बीच चल रही है। इस बढ़त के कारण अब खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों को अपने घर पैसा भेजने पर काफी फायदा मिल रहा है, जिससे उनके परिवार को आर्थिक रूप से काफी राहत महसूस हो रही है।
बढ़त का क्या है पूरा गणित और कितना हुआ फायदा
अगर पिछले एक हफ्ते की बात करें तो दिरहम में लगभग 25 पैसे की तेजी देखने को मिली है। 9 सितंबर को जो दर करीब ₹25.89 थी, वह बढ़कर 16 सितंबर को लगभग ₹26.14 पर पहुंच गई। यह सीधे तौर पर लगभग 1% की बढ़त को दिखाता है। बड़े अमाउंट भेजने वाले लोगों पर इसका बहुत बड़ा असर पड़ा है। उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति ₹26.14 के भाव पर AED 5,000 भेजता है, तो उसे पुराने ₹25.89 वाले रेट की तुलना में लगभग ₹1,250 अधिक मिल रहे हैं। वहीं, AED 10,000 भेजने पर यह फायदा लगभग ₹2,500 तक पहुंच जाता है। मौजूदा बेंचमार्क के अनुसार, AED 2,500 की कीमत लगभग ₹65,250, AED 5,000 की कीमत ₹1,30,500 और AED 10,000 की कीमत लगभग ₹2,61,000 हो गई है। हालांकि, यह गणना केवल सैद्धांतिक है और मनी ट्रांसफर कंपनियों के अपने शुल्क और मार्जिन के हिसाब से इसमें थोड़ा बदलाव हो सकता है।
क्यों मजबूत हुआ दिरहम और क्या हैं आर्थिक कारण
दिरहम की इस मजबूती के पीछे मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर के साथ इसका फिक्स पैग होना है। दूसरी तरफ, भारतीय रुपया इस दौरान दबाव में नजर आया और 16 सितंबर को यह प्रति डॉलर करीब ₹95.9 के आसपास ट्रेड कर रहा था। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें भी ऊंची बनी हुई हैं, जहां ब्रेंट क्रूड ऑयल लगभग $108 प्रति बैरल के आसपास बिक रहा है। तेल महंगा होने की वजह से घरेलू आयातकों को डॉलर की ज्यादा जरूरत पड़ती है, जिससे रुपये पर असर पड़ता है। इसके अलावा विदेशी पोर्टफोलियो निवेश, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और अमेरिकी केंद्रीय बैंक यानी फेडरल रिजर्व की नीतियों को लेकर बनी अनिश्चितता भी इसके प्रमुख कारण हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि यदि रुपया गिरकर ₹96 प्रति डॉलर के करीब पहुंचता है, तो उतार-चढ़ाव को थामने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI डॉलर की बिकवाली कर सकता है।
प्रवासी भारतीयों के लिए जरूरी सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि पैसे भेजते समय सिर्फ शुरुआती विनिमय दर को देखने के बजाय इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि अंत में घर पर बैठे व्यक्ति को कितने पैसे मिल रहे हैं। अलग-अलग एक्सचेंज हाउस और मोबाइल ऐप्स के चार्ज और मार्जिन अलग-अलग होते हैं। इसलिए सेवा चुनते समय कुल कटे हुए दिरहम, मिलने वाले फाइनल रुपये और ट्रांसफर की स्पीड की तुलना जरूर करनी चाहिए। जिन लोगों को स्कूल की फीस, लोन की EMI या मेडिकल बिल भरने के लिए तुरंत पैसे भेजने हैं, उन्हें बेहतर रेट के इंतजार में देरी नहीं करनी चाहिए क्योंकि ऐसा करना जोखिम भरा हो सकता है। जिन लोगों को बड़ी रकम भेजनी है और कोई जल्दी नहीं है, वे बाजार के उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम करने के लिए रकम को किस्तों में भेज सकते हैं। अधिकारियों की तरफ से हमेशा यह सलाह दी जाती है कि केवल लाइसेंस प्राप्त एक्सचेंज हाउस, रजिस्टर्ड बैंकों या अधिकृत मनी ट्रांसफर ऐप्स का ही इस्तेमाल करें। किसी भी अवैध हवाला जैसे माध्यमों से दूर रहें और पैसे भेजने से पहले बैंक खाता नंबर और IFSC कोड जैसी जानकारियां अच्छी तरह जांच लें। साथ ही, ट्रांजैक्शन की रसीद और रेफरेंस नंबर को हमेशा संभाल कर रखें।