यूएई वित्त मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिक इनवॉइसिंग नियमों में किया बदलाव ताकि कारोबारियों पर काम का बोझ कम हो सके

अबू धाबी: यूएई वित्त मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिक इनवॉइसिंग सिस्टम से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए नया मिनीस्टिरियल निर्णय संख्या 197 (2026) जारी किया है। इस कदम का मकसद नियमों को और स्पष्ट बनाना और संयुक्त अरब अमीरात में काम करने वाली कंपनियों के परिचालन बोझ को कम करना है।
नए फैसले के तहत एक टैक्स ग्रुप के अंदर आने वाली संस्थाओं के बीच होने वाले बिजनेस लेनदेन को अस्थायी तौर पर छूट दी गई है। यह सुविधा 1 जनवरी 2027 से अगले 24 महीनों के लिए लागू रहेगी। इस दौरान ऐसे आंतरिक लेनदेन को 'एक्सक्लूडेड ट्रांजैक्शन' माना जाएगा, जिससे कंपनियों को नए सिस्टम में ढलने के लिए अधिक लचीलापन मिलेगा।
मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिक इनवॉइस और क्रेडिट नोट डेटा के स्टोरेज से जुड़ी धारा 11 में भी संशोधन किया है। टैक्सपेयर्स को टैक्स प्रोसीजर्स लॉ के तहत सभी इनवॉइस और डेटा को सुरक्षित रखना होगा ताकि फेडरल टैक्स अथॉरिटी मांगने पर उन्हें देख सके। हालांकि, अब इस डेटा को भौतिक रूप से यूएई के भीतर स्टोर करने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। अब जोर डेटा की भौगोलिक स्थिति के बजाय उसकी उपलब्धता और रखरखाव पर होगा।
इसके अलावा, मंत्रालय ने धारा 12 को रद्द कर दिया है और धारा 1 से 'सिस्टम फेल्योर' की परिभाषा हटा दी है। इस बदलाव के बाद अब कारोबारियों के लिए सिस्टम फेल होने की जानकारी दो कार्य दिवसों के भीतर फेडरल टैक्स अथॉरिटी को देना जरूरी नहीं होगा।
मंत्रालय के मुताबिक, इन संशोधनों का उद्देश्य ट्रांजिशन में लचीलापन देना और रेगुलेटरी कंप्लायंस को आसान बनाकर बिजनेस करने की सुविधा को बेहतर बनाना है। यह निर्णय 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो गया है।