यूएई वित्त मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिक इनवॉइसिंग नियमों में किया बदलाव ताकि बिजनेस करने वाली कंपनियों पर कम हो काम का बोझ

अबू धाबी: यूएई वित्त मंत्रालय ने देश में नेशनल इलेक्ट्रॉनिक इनवॉइसिंग सिस्टम को लेकर अपने नियमों में कुछ अहम बदलाव किए हैं। मंत्रालय ने इसके लिए मिनिस्ट्रियल डिसीजन नंबर 197 ऑफ 2026 जारी किया है, जो 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। इस कदम का मकसद नियमों को और साफ करना और कारोबारियों के लिए कामकाज की मुश्किलों को कम करना है।
नए बदलावों के तहत एक टैक्स ग्रुप के सदस्यों के बीच होने वाले बिजनेस ट्रांजैक्शन को फिलहाल 24 महीने के लिए छूट दी गई है। 1 जनवरी 2027 से इन ट्रांजैक्शन को 'एक्सक्लूडेड ट्रांजैक्शन' की श्रेणी में रखा जाएगा। इससे कंपनियों को नए सिस्टम के हिसाब से खुद को ढालने के लिए ज्यादा समय और लचीलापन मिलेगा।
इलेक्ट्रॉनिक इनवॉइस और क्रेडिट नोट के डेटा को स्टोर करने से जुड़े आर्टिकल 11 में भी संशोधन किया गया है। अब कंपनियों के लिए यह जरूरी नहीं होगा कि वे इस डेटा को भौतिक रूप से यूएई के अंदर ही स्टोर करें। हालांकि, टैक्स प्रोसीजर्स लॉ में तय समय सीमा तक सभी इनवॉइस और क्रेडिट नोट का रिकॉर्ड रखना होगा ताकि फेडरल टैक्स अथॉरिटी मांगने पर उसकी समीक्षा कर सके।
मंत्रालय ने आर्टिकल 12 को पूरी तरह हटा दिया है और आर्टिकल 1 से 'सिस्टम फेल्योर' की परिभाषा को भी निकाल दिया है। पहले कंपनियों को सिस्टम फेल होने की जानकारी दो कार्य दिवसों के भीतर फेडरल टैक्स अथॉरिटी को देनी पड़ती थी, लेकिन अब इस नियम को खत्म कर दिया गया है।
मंत्रालय ने बताया कि इन संशोधनों का उद्देश्य बिजनेस करने की प्रक्रिया को आसान बनाना और एक ऐसा रेगुलेटरी माहौल तैयार करना है जो कारोबारियों के लिए अधिक सुविधाजनक हो।