UAE में कड़े हुए नियम: समय पर सैलरी देना हुआ अनिवार्य

Mohd. Irfan2 October 20262 min read0 viewsUAE
UAE में कड़े हुए नियम: समय पर सैलरी देना हुआ अनिवार्य

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। देश के मानव संसाधन और Emiratisation मंत्रालय (MOHRE) ने UAE Wage Protection System (WPS) के नियमों को और अधिक सख्त बना दिया है। नए बदलावों के तहत अब कंपनियों के लिए कर्मचारियों का वेतन समय पर चुकाना अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे तय तारीख पर सैलरी न मिलने की पुरानी समस्याओं पर लगाम लगाई जा सके।

वेतन भुगतान के लिए खत्म हुआ ग्रेस पीरियड

नए दिशानिर्देशों के अनुसार, वेतन वितरण के लिए मिलने वाला पुराना 15 दिनों का ग्रेस पीरियड अब पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। निजी क्षेत्र के नियोक्ताओं को अब पिछले महीने का वेतन वर्तमान ग्रेगोरियन महीने की पहली तारीख तक अनिवार्य रूप से चुकाना होगा। मंत्रालय की यह पहल यह सुनिश्चित करती है कि कर्मचारियों को उनकी मेहनत का पैसा बिना किसी देरी के मिले।

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नियमों के तहत किसी कंपनी को अनुपालन (compliant) तब माना जाएगा, जब वह तय समय सीमा के भीतर कम से कम 85 प्रतिशत कुल वेतन का भुगतान कर देगी। वहीं, एक व्यक्तिगत कर्मचारी को तब भुगतान प्राप्त माना जाएगा जब उसे कानूनी कटौतियों के बाद उसके हक का कम से कम 85 प्रतिशत हिस्सा मिल जाए।

ऑटोमेटेड सिस्टम से हो रही है निगरानी

इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए MOHRE ने एक उन्नत ऑटोमेटेड एन्फोर्समेंट सिस्टम तैयार किया है। इसे यूएई सेंट्रल बैंक, Aani इंसटेंट पेमेंट नेटवर्क और Jaywan कार्ड सिस्टम के साथ एकीकृत किया गया है, ताकि वास्तविक समय (real-time) में नियमों के पालन की निगरानी की जा सके।

देरी होने पर क्या होंगी सख्त कार्रवाई?

यदि कोई कंपनी समय पर वेतन देने में असफल रहती है, तो उस पर सख्त प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी:

  • दूसरे दिन: देरी होने के दूसरे दिन ही कंपनी को आधिकारिक चेतावनी जारी कर दी जाती है।
  • पांचवें दिन: पांच दिन की देरी पर नए वर्क परमिट के लिए आवेदन निलंबित कर दिए जाते हैं।
  • ग्यारहवें दिन: ग्यारहवें दिन तक भुगतान न होने पर भारी वित्तीय दंड लगाया जाता है और कंपनी के वर्गीकरण (classifications) को डाउनग्रेड कर दिया जाता है।
  • सोलहवें दिन और उसके बाद: इस चरण तक पहुंचने पर अधिकारियों द्वारा यात्रा प्रतिबंध (travel bans), संपत्ति फ्रीज और वर्क परमिट का लंबा निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
  • इक्कीसवें दिन: 50 या उससे अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों में बार-बार उल्लंघन होने पर मामला पब्लिक प्रॉसिक्यूशन को भी भेजा जा सकता है।

कंपनियों को सुधार का मौका

प्रशासनिक उपायों को पूरी तरह से लागू करने से पहले मंत्रालय नियोक्ताओं को भुगतान में देरी के संबंध में नोटिफिकेशन भेजता है, ताकि प्रतिष्ठानों को अपनी स्थिति सुधारने का उचित अवसर मिल सके। इन तमाम कड़े उपायों का मुख्य उद्देश्य कामगारों के अधिकारों की रक्षा करना और निजी क्षेत्र में एक मानक वेतन प्रणाली को बनाए रखना है।

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