UAE ने चीन को भेजा शोक संदेश, तिब्बत और नेपाल बॉर्डर पर ग्लेशियर टूटने से मची भारी तबाही.

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने 29 अगस्त 2026 को चीन के लोगों और सरकार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। तिब्बत और नेपाल बॉर्डर के पास ग्लेशियर टूटने की वजह से भीषण बाढ़ और भूस्खलन आ गया है, जिससे वहां भारी तबाही मच गई है। इस खतरनाक आपदा में कई लोगों की जान चली गई है और हजारों लोग लापता बताए जा रहे हैं। UAE के विदेश मंत्रालय ने इस मुश्किल समय में प्रभावित परिवारों और चीनी सरकार के साथ पूरी एकजुटता दिखाई है और हरसंभव मदद देने की बात कही है। इस आपदा ने दक्षिण एशिया के पर्वतीय इलाकों में रह रहे लोगों की मुश्किलें बहुत बढ़ा दी हैं, जिसके बाद से राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं।
आपदा में हजारों लोग लापता और सैकड़ों लोगों की मौत
सामने आए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस भयंकर प्राकृतिक आपदा की वजह से लगभग 3,000 लोग लापता हो गए हैं। अकेले नेपाल में 2,426 लोग और तिब्बत के ग्यािरोंग काउंटी में 554 लोग लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल सरकार ने इस त्रासदी में कम से कम 669 लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि चीन के तिब्बत क्षेत्र में 7 लोगों की जान गई है। चीनी और नेपाली प्रशासन ने अब तक कुल 633 शवों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। खराब मौसम और बेहद मुश्किल पहाड़ी रास्तों के बावजूद बचाव दल लगातार लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। इसके अलावा, एक हाइड्रोपावर टनल के अंदर 100 से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
राहत और बचाव कार्य में जुटी कई देशों की टीमें
हालात की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मदद की गुहार लगाई है। नेपाल की अपील पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए भारत और चीन दोनों देशों ने अपने विशेष बचाव दलों को प्रभावित इलाकों में भेज दिया है। शुरुआती ग्लेशियर टूटने से जो मलबा निकला था, उसने एक झील का रूप ले लिया है जो अब ओवरफ्लो हो रही है। चीनी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस झील के कारण आने वाले दिनों में बाढ़ का खतरा और ज्यादा बढ़ सकता है। इस पूरी घटना की आधिकारिक जानकारी UAE Ministry of Foreign Affairs की वेबसाइट पर साझा की गई है। UAE सरकार ने साफ किया है कि वह इस संकट की घड़ी में मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और पीड़ितों की हरसंभव मदद की जाएगी।