UAE का बड़ा ऐलान, चीन और नेपाल में आए खतरनाक बाढ़ और तबाही पर जताया गहरा दुख

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने हाल ही में चीन और नेपाल में हुई भयानक तबाही पर अपनी पूरी एकजुटता दिखाई है। 26 अगस्त 2026 को तिब्बत और नेपाल की सीमा के पास एक बड़ा ग्लेशियर अचानक टूट गया था, जिसकी वजह से वहां अचानक भयंकर बाढ़ आ गई और भारी लैंडस्लाइड भी हुआ। इस प्राकृतिक आपदा ने दोनों देशों में भारी तबाही मचाई है, जिसे देखकर पूरी दुनिया हैरान है।
यूएई सरकार का आधिकारिक बयान
UAE Ministry of Foreign Affairs की तरफ से जारी किए गए आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है कि देश ने इस हादसे में अपनी जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। इसके साथ ही, इस आपदा में जो लोग घायल हुए हैं, उनके जल्द से जल्द ठीक होने की भी कामना की गई है। यूएई सरकार हमेशा से संकट के समय में दूसरे देशों की मदद के लिए आगे आती रही है और इस बार भी उसने पीड़ित देशों के साथ खड़े होने का साफ संदेश दिया है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप UAE MOFA Official Statement और WAM News Portal पर देख सकते हैं।
मौत का आंकड़ा और लापता लोगों की तलाश
29 अगस्त 2026 तक सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, इस भयंकर आपदा की वजह से कुल 682 लोगों की पुष्टि हो चुकी मौतें हो चुकी हैं। इनमें से अकेले नेपाल में 675 लोगों की जान गई है, जबकि चीन के तिब्बत क्षेत्र में 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इसके अलावा, भारत में भी बाढ़ के पानी में बहकर आए 7 शव बरामद किए गए हैं, जिन्हें इसी आपदा का शिकार माना जा रहा है। हालात इतने खराब हैं कि लगभग 3,000 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल में 2,426 लोग संपर्क से बाहर हैं, जबकि तिब्बत के गिरॉन्ग काउंटी (Gyirong County) में 554 लोग लापता हैं। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (United States Geological Survey) ने यह कंफर्म किया है कि यह तबाही एक अचानक हुए ग्लेशियर के टूटने की वजह से आई थी।
राहत और बचाव का काम जारी
प्रभावित इलाकों में इस समय नेपाल, भारत और चीन की अंतरराष्ट्रीय टीमें मिलकर बचाव कार्य चला रही हैं। ये टीमें गहरे कीचड़ में फंसे लोगों को ढूंढने में जुटी हुई हैं। इसके अलावा, पनबिजली संयंत्रों यानी हाइड्रोलिक सुरंगों (hydropower tunnels) के अंदर फंसे 100 से ज्यादा लोगों को बाहर निकालने की कोशिशें तेजी से चल रही हैं। तिब्बत के स्थानीय अधिकारियों ने अब तक 555 फंसे हुए पर्यटकों और 499 स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया है।
बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान
इस आपदा ने पुलों, सड़कों और बिजलीघरों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को पूरी तरह तबाह कर दिया है। रेड क्रॉस (Red Cross) के अनुमान के मुताबिक, अकेले नेपाल में लगभग 93,000 लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। नेपाल इस समय भारी पुनर्निर्माण लागत का सामना कर रहा है और उसने अंतरराष्ट्रीय मदद की गुहार लगाई है। संयुक्त राष्ट्र (United Nations) स्थानीय अधिकारियों की मदद के लिए अपने मानवीय सहयोगियों के साथ मिलकर लगातार काम कर रहा है ताकि पीड़ित लोगों तक जरूरी सहायता पहुंचाई जा सके।