यूएई फेडरल टैक्स अथॉरिटी ने ई-इनवॉइसिंग के लिए समय सीमा तय की और नियमों का पालन न करने पर जुर्माना लगाने की चेतावनी दी

यूएई फेडरल टैक्स अथॉरिटी ने ई-इनवॉइसिंग सिस्टम के लिए डेडलाइन तय की है। नियमों का पालन न करने पर भारी जुर्माना लगेगा।

Pankhuri Motani25 October 20261 min read0 viewsUAE
यूएई फेडरल टैक्स अथॉरिटी ने ई-इनवॉइसिंग के लिए समय सीमा तय की और नियमों का पालन न करने पर जुर्माना लगाने की चेतावनी दी

दुबई: यूएई फेडरल टैक्स अथॉरिटी (FTA) ने व्यवसायों के लिए ई-इनवॉइसिंग सिस्टम को अपनाने की समय सीमा जारी कर दी है। अथॉरिटी ने साफ किया है कि जो कंपनियां इन डेडलाइन्स का पालन नहीं करेंगी, उन्हें प्रशासनिक जुर्माने का सामना करना पड़ेगा। इस नई व्यवस्था का मकसद इनवॉइसिंग की प्रक्रिया को सरल, मानक और ऑटोमेटेड बनाना है।

नियमों के मुताबिक, जिन व्यवसायों का सालाना राजस्व 50 मिलियन दिरहम या उससे अधिक है, उन्हें 30 अक्टूबर 2026 तक एक मान्यता प्राप्त सर्विस प्रोवाइडर नियुक्त करना होगा। ऐसी कंपनियों के लिए 1 जनवरी 2027 तक सिस्टम को पूरी तरह लागू करना अनिवार्य है।

वहीं, 50 मिलियन दिरहम से कम सालाना राजस्व वाले व्यवसायों के लिए समय सीमा अलग रखी गई है। इन्हें 31 मार्च 2027 तक सर्विस प्रोवाइडर नियुक्त करना होगा और 1 जुलाई 2027 तक सिस्टम का कार्यान्वयन पूरा करना होगा।

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अथॉरिटी ने बताया कि सर्विस प्रोवाइडर नियुक्त न करने या कार्यान्वयन की समय सीमा चूकने पर जुर्माना लगाया जाएगा। देरी होने पर हर महीने या महीने के किसी भी हिस्से के लिए 5,000 दिरहम का प्रशासनिक जुर्माना देना होगा।

एफटीए ने कंपनियों को सलाह दी है कि वे सर्विस प्रोवाइडर का चयन, कॉन्ट्रैक्ट, इंटीग्रेशन और EmaraTax डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए रजिस्ट्रेशन जैसी जरूरी प्रक्रियाएं जल्द पूरी कर लें। अथॉरिटी ने पुष्टि की है कि सिस्टम की तैयारी और दक्षता जांचने के लिए एक पायलट फेज भी चलाया गया था।

व्यवसायों की मदद के लिए अथॉरिटी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही है और बिजनेस निरंतरता के लिए लचीले तंत्र लागू किए गए हैं। सितंबर 2026 में दुबई में एक संयुक्त बैठक भी हुई, जिसमें एफटीए अधिकारियों, मान्यता प्राप्त सर्विस प्रोवाइडर्स और संबंधित कंपनियों ने कानूनी आवश्यकताओं और इंटीग्रेशन प्रक्रिया पर चर्चा की।

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