UAE में 1 जनवरी 2027 से बदलेंगे ट्रैफिक नियम, एक व्यक्ति सिर्फ 5 गाड़ियां रख सकेगा
यूएई सरकार ने ट्रैफिक नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। अब एक व्यक्ति अधिकतम 5 गाड़ियां रख सकेगा और ड्राइविंग समय की सीमा तय की गई है।

अबू धाबी: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की संघीय सरकार ने राष्ट्रीय ट्रैफिक नियमों में बड़े बदलावों का ऐलान किया है। ये नए नियम 1 जनवरी 2027 से प्रभावी होंगे, जिन्हें कैबिनेट निर्णय संख्या 174 (2026) और संघीय डिक्री-लॉ संख्या 14 (2024) के तहत पेश किया गया है। ये अपडेट 1997 से लागू पुराने नियमों की जगह लेंगे।
नए नियमों के मुताबिक, अब किसी एक निवासी के नाम पर अधिकतम पांच गाड़ियां ही रजिस्टर्ड हो सकेंगी। पहली दो गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन तो सामान्य रहेगा, लेकिन तीसरी, चौथी या पांचवीं गाड़ी के रजिस्ट्रेशन या रिन्यूअल के लिए अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन साइकिल में भी ढील दी गई है। जो हल्के वाहन बिल्कुल नए होंगे और जिनकी उम्र छह साल से ज्यादा नहीं होगी, उनके मालिक दो साल के रजिस्ट्रेशन साइकिल के लिए आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, यह सुविधा दुबई के आरटीए (RTA) जैसे स्थानीय लाइसेंसिंग अधिकारियों के विवेक पर निर्भर करेगी।
सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। अब कोई भी चालक 24 घंटे की अवधि में अधिकतम नौ घंटे ही गाड़ी चला सकेगा। ड्राइवर की थकान को कम करने के लिए फेडरल ट्रैफिक काउंसिल इस समय सीमा को लागू करेगी। साथ ही, राइट-हैंड ड्राइव वाहनों का सड़कों पर इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित होगा; इन्हें केवल प्रदर्शनी के लिए रखा जा सकेगा।
बच्चों की सुरक्षा के लिए अब यह अनिवार्य होगा कि चार साल या उससे कम उम्र के बच्चों को गाड़ी की पिछली सीट पर उचित सेफ्टी सीट में बिठाया जाए।
ई-स्कूटर और ई-बाइक जैसे पर्सनल मोबिलिटी डिवाइस के लिए भी नए नियम तय किए गए हैं। इन्हें चलाने के लिए न्यूनतम आयु 15 वर्ष होनी चाहिए। साथ ही, इन वाहनों में फ्रंट लाइट, पीछे लाल ब्रेक लाइट और चेतावनी देने वाले हॉर्न का होना जरूरी है।
डिलीवरी राइडर्स के लिए अब सवारी ले जाना प्रतिबंधित कर दिया गया है। उन्हें अब बैकपैक के बजाय सरकार द्वारा मंजूर किए गए ट्रांसपोर्ट उपकरणों का ही इस्तेमाल करना होगा।
कानूनी ढांचा तैयार होने के बाद, अधिकारियों द्वारा आने वाले कुछ महीनों में नए शुल्क ढांचे (फीस स्ट्रक्चर) की विस्तृत जानकारी जारी किए जाने की उम्मीद है।