UAE और जर्मनी के बीच म्यूनिख में बड़ी डील, 30 समझौतों पर साइन और 9.66 अरब यूरो का हुआ कारोबार.

Nura Basta11 September 20262 min read17 viewsUAE
UAE और जर्मनी के बीच म्यूनिख में बड़ी डील, 30 समझौतों पर साइन और 9.66 अरब यूरो का हुआ कारोबार.

यूएई और जर्मनी के रिश्तों में एक नया और बड़ा दौर शुरू हो गया है। हाल ही में म्यूनिख शहर में UAE-Germany Business Forum का आयोजन किया गया, जो यूएई के राष्ट्रपति महामहिम Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan की जर्मनी की आधिकारिक यात्रा के दौरान हुआ। इस अहम बैठक में दोनों देशों के कई बड़े कारोबारी, निवेशक और चैंबर ऑफ कॉमर्स के नुमाइंदे शामिल हुए। इस दौरान दोनों देशों के बीच कुल 30 समझौतों और एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए, जिनकी कुल कीमत करीब €9.66 billion यानी भारी-भरकम राशि है।

किन सेक्टरों में हुए समझौते

यह तमाम समझौते और साझेदारियां कई अलग-अलग और जरूरी क्षेत्रों से जुड़ी हुई हैं। इनमें मुख्य रूप से रिन्यूएबल और क्लीन एनर्जी का बुनियादी ढांचा, तेल और गैस, आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उद्योग और विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, परिवहन, बंदरगाह और विमानन शामिल हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवा, लाइफ साइंसेज, कृषि, खाद्य सुरक्षा और आम इस्तेमाल के उपभोक्ता सामानों पर भी दोनों सरकारों और कंपनियों के बीच सहमति बनी है। इन समझौतों से दोनों देशों के बीच व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे और काम करने के तौर-तरीकों में तेजी आएगी।

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व्यापार और निवेश के आंकड़े

यूएई के विदेश व्यापार मंत्री Dr. Thani bin Ahmed Al Zeyoudi ने इस फोरम की शुरुआत करते हुए बताया कि दोनों देशों के आपसी आर्थिक संबंध अब एक नए चरण में प्रवेश कर चुके हैं। उन्होंने जानकारी दी कि साल 2025 में दोनों देशों के बीच बिना तेल वाले व्यापार यानी नॉन-ऑयल ट्रेड का कुल वॉल्यूम €13.4 billion तक पहुंच गया था। यह आंकड़ा यूरोपीय संघ के साथ यूएई के कुल नॉन-ऑयल ट्रेड का लगभग पांचवां हिस्सा बनता है। इसके साथ ही, जर्मनी में यूएई का कुल संचयी निवेश बढ़कर €34.5 billion हो गया है, जो दोनों देशों की मजबूत आर्थिक साझेदारी को साफ दिखाता है।

भविष्य की रणनीति और सहयोग

जर्मनी को यूरोप का आर्थिक इंजन और यूएई को मध्य पूर्व में व्यापार और लॉजिस्टिक्स का बड़ा वैश्विक केंद्र बताया गया। मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य के सहयोग का मुख्य आधार पुरानी और मौजूदा इंडस्ट्रीज की रफ्तार को बढ़ाना और नई तकनीक पर आधारित संयुक्त उद्यमों को शुरू करना है। ये 30 समझौते द्विपक्षीय संबंधों में एक बड़ी छलांग की तरह हैं, जिन्हें वैश्विक आर्थिक बदलावों और सप्लाई चेन के नए सिरे से गठन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस पूरी बैठक की विस्तृत जानकारी Gulfhindi.com पर उपलब्ध कराई गई है ताकि आम पाठक और प्रवासी इस बड़ी आर्थिक गतिविधि को आसानी से समझ सकें।

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