यूएई में नौकरियों की वापसी हुई और तीसरी तिमाही में भर्ती में 4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई

दुबई: खाड़ी देशों के जॉब मार्केट में एक बार फिर तेजी देखी जा रही है। भर्ती फर्म कूपर फिच की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की तीसरी तिमाही में यूएई में हायरिंग में 4 प्रतिशत की बढ़त हुई है। यह सुधार क्षेत्रीय तनाव के बावजूद बिजनेस कॉन्फिडेंस की वापसी का संकेत है।
पूरी जीसीसी (GCC) क्षेत्र में भर्ती गतिविधियों में कुल 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह बढ़त दूसरी तिमाही में देखी गई 3 प्रतिशत की गिरावट को पूरी तरह से खत्म कर देती है।
सेक्टर के हिसाब से देखें तो पूरे क्षेत्र में ऊर्जा क्षेत्र में 7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यूएई के भीतर पब्लिक सेक्टर में 3 प्रतिशत, फाइनेंस सेक्टर में 5 प्रतिशत और स्ट्रेटजी सेक्टर में 6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है।
अन्य देशों की बात करें तो सऊदी अरब में भर्ती 1.5 प्रतिशत और ओमान में 0.5 प्रतिशत बढ़ी है। वहीं कतर में गिरावट घटकर 1 प्रतिशत और कुवैत व बहरीन में 2 प्रतिशत रही है।
कूपर फिच के डॉ. ट्रेफोर मर्फी ने यूएई के प्रदर्शन को एक बहुत अच्छी रिकवरी बताया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी कौशल की कमी अभी भी बनी हुई है।
इस रिकवरी से ऊर्जा, इंजीनियरिंग और प्रोफेशनल सर्विसेज सेक्टर के कुशल प्रवासियों के लिए बेहतर अवसर खुले हैं। इसके विपरीत, बैंकिंग और इन्वेस्टमेंट के कुछ क्षेत्रों में अभी भी गिरावट देखी जा रही है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी टैलेंट की मांग तो बनी हुई है, लेकिन एमिरेटाइजेशन लक्ष्यों और राष्ट्रीयकरण नीतियों का असर प्रवासियों के लिए उपलब्ध नौकरियों पर पड़ता रहेगा। फिलहाल नियोक्ता 2027 की योजना बना रहे हैं और विशेष भूमिकाओं के लिए चुनिंदा भर्ती की उम्मीद है।