हवाई जहाज के कॉकपिट में हमले को रोकने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छर को यूएई ने दिया बड़ा सम्मान
फ्लाईदुबई के पायलट स्मित मच्छर ने कॉकपिट हमले को रोककर 170 यात्रियों की जान बचाई, जिसके लिए यूएई राष्ट्रपति ने उन्हें सम्मानित किया।

अबू धाबी: यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर को 'फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II' से नवाजा है। उन्हें यह सम्मान फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान कॉकपिट में हुए एक हिंसक हमले को रोकने और यात्रियों की जान बचाने के लिए दिया गया है।
यह घटना 30 सितंबर 2026 को हुई थी जब फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से तेल अवीव जा रही थी। बोइंग 737 MAX 8 विमान में सफर कर रहे 170 से ज्यादा यात्रियों और क्रू सदस्यों की जान तब खतरे में पड़ गई जब को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छर पर इमरजेंसी क्रैश एक्स (कुल्हाड़ी) से हमला कर दिया।
हमले के दौरान कैप्टन मच्छर के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलने से केबिन क्रू, ड्यूटी से बाहर मौजूद अन्य पायलटों और यात्रियों को अंदर आने का मौका मिला, जिन्होंने मिलकर हमलावर को काबू में किया। इसके बाद विमान की सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
अबू धाबी में 27 अक्टूबर 2026 को आयोजित एक राष्ट्रपति रिसेप्शन के दौरान यह सम्मान दिया गया। दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने क्रू सदस्यों को पुरस्कार प्रदान किए। इस मौके पर दुबई के शासक और उपराष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम भी मौजूद थे।
गुजरात के रहने वाले कैप्टन स्मित मच्छर यह प्रतिष्ठित सम्मान पाने वाले तीसरे भारतीय बन गए हैं। उनसे पहले भारत के पूर्व राजदूत नवदीप सिंह सूरी और संजय सुधीर को द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए यह सम्मान मिला था। हालांकि, किसी व्यक्ति को उड़ान के दौरान व्यक्तिगत बहादुरी के लिए यह पुरस्कार पहली बार दिया गया है।
यूएई के अटॉर्नी जनरल ने को-पायलट की इस हरकत को आतंकवादी हमला करने की कोशिश बताया है और उसे हिरासत में ले लिया गया है। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा से पता चला है कि हाथापाई के दौरान विमान की ऊंचाई काफी कम हो गई थी, लेकिन विमान पर सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए।
इस घटना के बाद सुरक्षा विशेषज्ञ और पायलट एसोसिएशन अब कॉकपिट की सुरक्षा और क्रैश एक्स जैसे औजारों की उपलब्धता से जुड़े नियमों की समीक्षा कर रहे हैं। फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने कैप्टन मच्छर के लिए राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार की मांग भी की थी।
इलाज के लिए अक्टूबर की शुरुआत में उन्हें सऊदी अरब से एयरलिफ्ट कर यूएई लाया गया था, जहां मेडिकल टीमें उनकी रिकवरी की निगरानी कर रही हैं। इजरायल ने भी पुष्टि की है कि कैप्टन मच्छर के स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उन्हें नागरिक वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। सऊदी और यूएई अधिकारी अब को-पायलट के मकसद और बाहरी संपर्कों की जांच कर रहे हैं।