UAE में काम करने वाले भारतीयों के लिए बड़ी खबर, भारत में बैंक हड़ताल से रेमिटेंस पर पड़ेगा असर.

भारत में होने वाली राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल की वजह से यूएई और खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों को अपने घर पैसे भेजने में थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन ने 28 सितंबर से 30 सितंबर तक भारत में देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है, जिसके कारण पांच दिनों तक बैंकिंग कामकाज पूरी तरह से प्रभावित रह सकता है। इस हड़ताल का असर उन तमाम भारतीय परिवारों पर पड़ेगा जो सीधे तौर पर पब्लिक सेक्टर के बैंकों की सेवाओं पर निर्भर रहते हैं। यूएई में रहने वाले लाखों भारतीय श्रमिक जो हर महीने अपने परिवार को पैसे भेजते हैं, उन्हें इस दौरान पैसों के लेन-देन में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बैंक हड़ताल और पांच दिनों की लंबी छुट्टी
बैंक यूनियन की इस हड़ताल की शुरुआत 28 सितंबर से 30 सितंबर तक तय की गई है। हैरान करने वाली बात यह है कि इससे पहले 26 और 27 सितंबर को शनिवार और रविवार की साप्ताहिक छुट्टी है, जिसका मतलब साफ है कि भारत के सरकारी बैंक लगातार पांच दिनों तक बंद रहेंगे। इसके अलावा 30 सितंबर को आधे साल का वित्तीय समापन यानी हाफ-इयरली फाइनेंशियल क्लोजिंग भी है, जिससे बैंक का काम और ज्यादा अटक सकता है। इन छुट्टियों और हड़ताल के चलते बैंक शाखाओं में होने वाले जरूरी काम जैसे कि बड़े पैमाने पर कैश निकालना, चेक क्लीयरेंस, केवाईसी अपडेट और अन्य बैंक से जुड़े काम पूरी तरह से रुक जाएंगे। हालांकि, निजी यानी प्राइवेट बैंक खुले रहने की उम्मीद है, फिर भी ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे अपने बैंक की स्थिति की जानकारी पहले ही प्राप्त कर लें ताकि किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके।
यूएई के एक्सचेंज हाउस और रेमिटेंस पर क्या होगा असर
दुबई, अबू धाबी, शारजाह, दोहा, रियाद, मस्कट और मनामा जैसे प्रमुख खाड़ी शहरों में रहने वाले प्रवासियों के लिए राहत की बात यह है कि Al Ansari Exchange समेत यूएई के तमाम प्रमुख एक्सचेंज हाउस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनकी तरफ से रेमिटेंस यानी पैसा भेजने का काम अपने तय शेड्यूल के अनुसार ही जारी रहेगा। यूएई भारत का दूसरा सबसे बड़ा रेमिटेंस स्रोत है और भारत में आने वाले कुल पैसे का लगभग पांचवां हिस्सा अकेले यूएई से ही आता है। इसलिए खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों को किसी भी तरह की घबराहट में आने की जरूरत नहीं है। हालांकि, भले ही यूएई से पैसा समय पर भेज दिया जाए, लेकिन भारत में रिसीविंग एंड यानी बैंक शाखाओं पर इसका असर जरूर देखने को मिलेगा।
सरकार और आरबीआई के उपाय
इस पूरी स्थिति से निपटने और आम जनता को राहत देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI की मंजूरी के बाद भारतीय सरकार ने कुछ खास कदम उठाए हैं। सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, एटीएम से जुड़े कार्यालयों और करेंसी चेस्ट को रविवार, 27 सितंबर को भी खुला रखने का आदेश दिया है ताकि जरूरी काम निपटाए जा सकें। इसके साथ ही, कई सार्वजनिक बैंकों ने हड़ताल के पूरे समय के दौरान एटीएम चार्ज भी पूरी तरह से माफ कर दिए हैं। सरकार की तरफ से यह भी बताया गया है कि पिछले एक दशक में लगभग 4.82 लाख नए कर्मचारियों की भर्ती की गई है और एक विवादित परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव योजना को फिलहाल रोक दिया गया है, हालांकि पांच दिन के कार्य सप्ताह की मांग अभी भी विचाराधीन है।
प्रवासियों के लिए जरूरी सलाह
चूंकि बैंक यूनियनों ने अपनी मांगें पूरी न होने पर आगामी 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की भी चेतावनी दी है, इसलिए यूएई और अन्य खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों को सतर्क रहना बेहद जरूरी है। दुबई, अबू धाबी और अन्य शहरों में काम करने वाले लोगों से आग्रह किया गया है कि वे किसी भी तरह की इमरजेंसी से बचने के लिए अपने जरूरी पैसों का ट्रांसफर डिजिटल माध्यमों या एक्सचेंज हाउस के जरिए ही करें। इसके अलावा, भारत में रहने वाले अपने परिवार वालों जैसे कि लखनऊ, कोझिकोड और हैदराबाद के रिश्तेदारों को यह निर्देश दें कि वे बैंक से जुड़े सभी जरूरी काम 27 सितंबर से पहले ही पूरे करवा लें ताकि बाद में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।