UAE में भारतीय प्रवासियों के लिए बड़ी राहत, अब संडे के दिन भी मिलेंगे पासपोर्ट.

यूएई में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। अब छुट्टी के दिन यानी रविवार को भी पासपोर्ट कलेक्ट किए जा सकेंगे। Alhind Global Services ने यूएई के सभी 16 भारतीय कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर्स पर यह खास सुविधा शुरू कर दी है। इस नए कदम से उन लाखों कामगारों को बहुत राहत मिलेगी जो हफ्ते में छह दिन काम करते हैं और वीकडेज में अपने कागजी कामों के लिए छुट्टी नहीं ले पाते हैं।
संडे को सिर्फ मिलेगा पासपोर्ट
यह बात ध्यान रखने वाली है कि संडे के दिन सिर्फ और सिर्फ दस्तावेज कलेक्ट करने का काम होगा। इसका समय सुबह 10:00 am से 12:00 pm तक तय किया गया है। इस दौरान कोई भी नया आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा और न ही फॉर्म भरने जैसी अन्य कागजी सेवाएं मिलेंगी। अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास और दुबई में स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास के मार्गदर्शन में यह फैसला लिया गया है। पिछले दो महीनों में पुराने सभी पेंडिंग मामलों को पूरी तरह से क्लियर करने के बाद इस नई व्यवस्था को लागू किया गया है।
किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा
यूएई में अनुमानित 43 लाख भारतीय नागरिक रहते हैं। इनमें से एक बहुत बड़ा हिस्सा कंस्ट्रक्शन, हॉस्पिटैलिटी, लॉजिस्टिक्स, हेल्थकेयर और रिटेल सेक्टर में काम करता है। इन क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों की ड्यूटी हफ्ते में छह दिन होती है, जिसकी वजह से उन्हें अपने पर्सनल कामों के लिए समय निकालना बहुत मुश्किल हो जाता था। आम दिनों में इन सेंटर्स का समय सुबह 8:00 am से 6:00 pm तक रहता है, जो सोमवार से शनिवार तक खुला रहता है। संडे के दिन सिर्फ पासपोर्ट लेने जाने वाले लोगों को ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर पहले से अपॉइंटमेंट बुक करना होगा। इसके लिए स्लॉट रोजाना सुबह 9:00 am और रात 9:00 pm खुलते हैं।
दूसरी सेवाओं के लिए सामान्य नियम
अगर किसी को फॉर्म भरने, फोटो खिंचवाने, फोटोकॉपी करवाने या कूरियर की सहायता चाहिए, तो उसके लिए AED 19 का एक फ्लैट शुल्क देना होगा। रविवार का दिन पूरी तरह से सिर्फ डॉक्यूमेंट कलेक्शन के लिए रिजर्व रखा गया है। इसके बावजूद, तत्काल आवेदन, नवजात शिशुओं, इमरजेंसी सर्टिफिकेट, 60 साल या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों यानी पीपल ऑफ डिटरमिनेशन के लिए सामान्य कामकाज के दिनों में वॉक-इन सुविधा पहले की तरह मिलती रहेगी। अलहिंद ने पिछले अनुबंध समाप्त होने के बाद जब इन कांसुलर सेवाओं की जिम्मेदारी संभाली थी, तब से लेकर अब तक व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। गल्फ देशों में रहने वाले भारतीयों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं ताकि प्रवासियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।