UAE में भारतीयों के लिए मेडिकल इंश्योरेंस एडवाइजरी, दूतावास ने दी बड़ी चेतावनी
अबू धाबी और दुबई स्थित भारतीय मिशनों ने यूएई में प्रवासियों और पर्यटकों के लिए मेडिकल इंश्योरेंस को लेकर जरूरी चेतावनी जारी की है।

अबू धाबी: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रह रहे भारतीय प्रवासियों और वहां घूमने जाने वाले पर्यटकों के लिए भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास ने एक जरूरी एडवाइजरी जारी की है। 27 अक्टूबर 2026 को जारी इस चेतावनी में भारतीय नागरिकों को अपर्याप्त मेडिकल इंश्योरेंस से जुड़े वित्तीय जोखिमों के प्रति आगाह किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि कई भारतीय पर्यटक और लंबे समय से रह रहे निवासी मेडिकल इमरजेंसी के दौरान भारी-भरकम अस्पताल बिलों का सामना कर रहे हैं। इसका मुख्य कारण ऐसी बीमा पॉलिसियां हैं जिनमें व्यापक कवरेज की कमी है।
एडवाइजरी के मुताबिक, कई मौजूदा इंश्योरेंस प्लान कैशलेस इलाज की सुविधा नहीं देते हैं। साथ ही, इनमें भारत वापस भेजने (मेडिकल रिपैट्रिएशन) का खर्च भी शामिल नहीं होता है।
भारतीय मिशनों ने पर्यटकों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले एक मजबूत मेडिकल इंश्योरेंस जरूर लें। इसमें कैशलेस सुविधाओं और इमरजेंसी रिपैट्रिएशन का कवर होना अनिवार्य रूप से शामिल होना चाहिए।
रोजगार वीजा पर रह रहे निवासियों और उनके आश्रितों को भी अपनी पॉलिसियों की समीक्षा करने की सलाह दी गई है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी पॉलिसी यूएई के सभी चिकित्सा खर्चों और भारत वापसी के संभावित परिवहन खर्च को कवर करती हो।
यूएई में 40 लाख से अधिक भारतीयों की मौजूदगी को देखते हुए यह चेतावनी अंग्रेजी, हिंदी, मलयालम और तेलुगु भाषाओं में सोशल मीडिया के जरिए साझा की गई है। 27 से 29 अक्टूबर 2026 के बीच आई कई रिपोर्टों के बाद यह कदम उठाया गया है, जिनमें खाड़ी देशों में अचानक स्वास्थ्य संकट आने से होने वाले वित्तीय जोखिमों का जिक्र था।
कतर, सऊदी अरब, बहरीन और ओमान में कार्यरत भारतीय मिशनों ने भी इस बात पर जोर दिया है कि बीमा की शर्तों की जांच और व्यक्तिगत तैयारी ही कर्ज के जाल से बचने का प्राथमिक तरीका है।