UAE और जॉर्डन ने $2.5 बिलियन की रेलवे परियोजना का किया आगाज़

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और जॉर्डन ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 2.5 बिलियन डॉलर की लागत वाली 'Aqaba-Al-Shidiyeh-Maan Railway Project' की आधारशिला रखी है। सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला II और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान ने आधिकारिक तौर पर इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया। यह परियोजना दोनों देशों के बीच गहरे रणनीतिक संबंधों और आर्थिक साझेदारी को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।
इस महत्वाकांक्षी रेल नेटवर्क की कुल लंबाई 403 किलोमीटर होगी, जो अल-शिदियेह और घोर अल सफ़ी के महत्वपूर्ण खनन और उत्पादन केंद्रों को मान लॉजिस्टिक्स ज़ोन और अकाबा (Aqaba) के बंदरगाहों से जोड़ेगा। शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान ने इस मौके पर कहा कि यह प्रोजेक्ट न केवल दोनों देशों के भाईचारे को दर्शाता है, बल्कि द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण भी है।
आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसर
इस प्रोजेक्ट का संचालन 'जॉर्डन-यूएई रेलवे कंपनी' द्वारा किया जाएगा, जो दोनों देशों का एक संयुक्त उद्यम है। कंपनी के चेयरमैन डॉ. मोहम्मद थनेइबात के अनुसार, यह नेटवर्क राष्ट्रीय उत्पादन केंद्रों को वैश्विक बाजारों से जोड़कर आर्थिक विकास के विजन को साकार करेगा। वहीं, कंपनी के वाइस चेयरमैन शादी मलाक ने इसे एक 'नई आर्थिक धमनी' बताया है, जो निर्यात क्षमता को बढ़ाकर अकाबा को क्षेत्रीय व्यापार के एक प्रमुख गेटवे के रूप में स्थापित करेगी।
इस रेलवे प्रोजेक्ट की कुछ मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- माल ढुलाई: यह रेलवे सालाना लगभग 16 मिलियन टन फॉस्फेट और पोटाश के परिवहन की क्षमता रखेगी।
- रोजगार: इस परियोजना से दक्षिणी जॉर्डन में करीब 5,000 नए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
- इंजीनियरिंग: इसमें 55 पुल और 6 सुरंगों का निर्माण किया जाएगा।
- लागत में कमी: अधिकारियों का अनुमान है कि इससे थोक माल के वार्षिक परिवहन खर्च में लगभग 40 मिलियन डॉलर की कमी आएगी।
इस परियोजना को जॉर्डन फॉस्फेट माइन्स कंपनी, अरब पोटाश कंपनी और L'IMAD होल्डिंग जैसे हितधारकों का समर्थन प्राप्त है, जिसमें 'इतिहाद रेल' की तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग किया जा रहा है। उम्मीद है कि 2027 की शुरुआत तक इसकी वित्तीय प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और निर्माण कार्य अगले पांच वर्षों में पूरा कर लिया जाएगा।