यूएई, कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने मिलाया हाथ, शुरू होगा यह बड़ा रेलवे प्रोजेक्ट

मध्य एशिया और दक्षिण एशिया के बीच व्यापारिक और आर्थिक संभावनाओं को एक नया आयाम देने के लिए तीन देशों ने मिलकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य सेंट्रल एशिया-साउथ एशिया (CASA) रेलवे प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाना और इसके लिए जरूरी फिजिबिलिटी स्टडी यानी व्यवहार्यता अध्ययन को पूरा करना है।
क्या है यह मेगा रेलवे प्रोजेक्ट?
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मकसद मध्य एशिया को अफगानिस्तान के रास्ते होते हुए दक्षिण एशिया के बाजारों से जोड़ना है। इस रेल मार्ग के जरिए मध्य एशियाई देशों की पहुंच सीधे तौर पर पाकिस्तान के बंदरगाहों तक आसान हो जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस संपर्क के बनने से क्षेत्रीय व्यापार को भारी बढ़ावा मिलेगा और दोनों क्षेत्रों की अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक मजबूत और सुगम गलियारा तैयार होगा।
इस समझौते के तहत कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान के परिवहन मंत्रालयों के साथ-साथ यूएई के ऊर्जा और बुनियादी ढांचा मंत्रालय ने मिलकर काम करने का फैसला किया है। यूएई के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले मंत्री सुहैल बिन मोहम्मद अल मजरूई ने इस यात्रा के दौरान इस बात पर जोर दिया कि यह प्रोजेक्ट दोनों क्षेत्रों के बीच आपसी जुड़ाव को मजबूत करने और आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा।
डिजिटल तकनीक और एआई में भी बढ़ रहा है सहयोग
रेलवे और बुनियादी ढांचे के विकास के अलावा, यूएई और कजाकिस्तान अपने रणनीतिक संबंधों को डिजिटल और तकनीकी मोर्चे पर भी लगातार विस्तार दे रहे हैं। दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सुपरकंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट सिटी जैसी आधुनिक तकनीकों पर मिलकर काम कर रहे हैं। इस दिशा में प्रेसाइट एआई और जी42 इंटरनेशनल जैसी प्रमुख कंपनियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, जिससे आने वाले समय में तकनीकी सहयोग को भी नई ऊंचाइयां मिलेंगी।