UAE में लेबर नियमों का कड़ाई से पालन, AI के इस्तेमाल से आधे हुए कामगारों से जुड़े उल्लंघन.

Praggya Singh sabal19 September 20263 min read22 viewsUAE
UAE में लेबर नियमों का कड़ाई से पालन, AI के इस्तेमाल से आधे हुए कामगारों से जुड़े उल्लंघन.

यूएई की प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले लोगों और वहां नौकरी की तलाश करने वालों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। Ministry of Human Resources and Emiratisation (MOHRE) की तरफ से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, साल 2026 के पहले छह महीनों में लेबर नियमों के उल्लंघन के मामलों में 15 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस सुधार के पीछे सरकार का सख्त रवैया और तकनीक का भरपूर इस्तेमाल है, जिससे कंपनियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। इसका सीधा असर वहां काम करने वाले लाखों प्रवासियों और खासकर भारत से जाने वाले कामगारों पर पड़ा है, जिन्हें अब ज्यादा सुरक्षित और नियमबद्ध माहौल मिल रहा है।

AI तकनीक और डिजिटल सिस्टम का कमाल

मंत्रालय ने अपनी निगरानी व्यवस्था को पूरी तरह से आधुनिक बना दिया है, जिसमें AI-powered digital systems और डेटा एनालिटिक्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है। साल के पहले छह महीनों में इस नई तकनीक की मदद से लगभग 16 million यानी 1.6 करोड़ ट्रांजैक्शन किए गए, जिनकी बदौलत उन कंपनियों की पहचान करना आसान हो गया जो कानून का पालन नहीं कर रही थीं। इसी आधुनिक निगरानी के तहत मंत्रालय के अधिकारियों ने इस अवधि में कुल 212,000 निरीक्षण दौरे किए। इन छपेमारियों और चेकिंग अभियानों के कारण उन मामलों में भारी कमी आई जिन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पब्लिक प्रोसिक्यूशन के पास भेजा जाता है। ऐसे मामलों का आंकड़ा गिरकर केवल 490 पर आ गया, जबकि पिछले साल इसी समय यह संख्या 962 थी, जो कि 49 प्रतिशत की बड़ी गिरावट को दिखाता है।

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प्रमुख उल्लंघन और भारी जुर्माना

अधिकारियों ने जांच के दौरान पाया कि कंपनियां आम तौर पर कुछ खास नियमों को बार-बार तोड़ रही थीं। इनमें बिना जरूरी परमिट के कामगारों को काम पर रखना, तय समय पर Wage Protection System के जरिए वेतन न देना और गलत दस्तावेज जमा करना शामिल है। इन गंभीर मामलों में सरकार ने बिल्कुल नरमी न बरतते हुए Dh1 million यानी 10 लाख दिरहम तक का भारी जुर्माना तय किया है। इस सख्ती से उन कंपनियों में डर का माहौल बना है जो अक्सर गरीब प्रवासियों का हक मारती थीं। इस बारे में अधिक जानकारी आधिकारिक WAM रिपोर्ट में भी दी गई है, जिसमें मंत्रालय की इस सफलता का पूरा ब्योरा साझा किया गया है।

सोशल मीडिया पर फर्जी रिक्रूटमेंट पर कार्रवाई

नौकरी के नाम पर भोले-भाले लोगों को ठगने वाले फर्जी एजेंटों के खिलाफ भी यूएई प्रशासन ने बहुत बड़ा कदम उठाया है। Telecommunications and Digital Government Regulatory Authority के साथ मिलकर एमोहर ने कार्रवाई करते हुए लगभग 200 ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स को बंद कर दिया, जो बिना लाइसेंस के लोगों को नौकरियां दिलाने का झांसा दे रहे थे। इसके अलावा, जो घरेलू कामगारों के दफ्तर पहले से लाइसेंसशुदा हैं लेकिन नियमों को ताक पर रख रहे थे, उन पर भी शिकंजा कसा गया। मंत्रालय ने 42 लाइसेंस प्राप्त घरेलू वर्कर रिक्रूटमेंट ऑफिसों पर कुल 135 जुर्माने लगाए। इनमें से 106 मामले रिक्रूटमेंट फीस वापस न करने के थे और 29 मामले तय नियमों का पालन न करने से जुड़े थे। इन तमाम कदमों से यूएई का लेबर मार्केट साफ-सुथरा हो रहा है, जिससे वहां कमाने जाने वाले भारतीय प्रवासियों को शोषण से बड़ी राहत मिल रही है।

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