UAE में विदेश से नौकरी के लिए नया डिजिटल वीज़ा सिस्टम लॉन्च, मात्र दो दिन में होगा काम.

Nura Basta2 September 20263 min read29 viewsUAE
UAE में विदेश से नौकरी के लिए नया डिजिटल वीज़ा सिस्टम लॉन्च, मात्र दो दिन में होगा काम.

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE की सरकार ने विदेश से कर्मचारियों को बुलाने वाली कंपनियों के लिए एक बहुत ही आसान और डिजिटल वर्क परमिट सेवा शुरू की है। इस नए सिस्टम के आने से अब कंपनियों के लिए विदेशों से रिक्रूटमेंट करना काफी सरल हो गया है और इसके जरिए काम बहुत ही कम समय में यानी केवल दो दिन के अंदर पूरा हो जाएगा। इस नई सुविधा का सीधा फायदा उन लोगों को मिलेगा जो यूएई से बाहर रहकर वहां नौकरी की तलाश कर रहे हैं और भारत समेत अन्य देशों से आवेदन करना चाहते हैं।

कैसे काम करेगा यह नया डिजिटल सिस्टम

मिनिस्ट्री ऑफ ह्यूमन रिसورسेज एंड एमिरटाइजेशन यानी MoHRE के मुताबिक इस नई व्यवस्था के तहत केवल वही कंपनियां आवेदन कर सकती हैं जो मंत्रालय के साथ रजिस्टर्ड हैं। इसमें सबसे जरूरी बात यह है कि उम्मीदवार खुद से इसके लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं बल्कि यूएई में मौजूद उनके नियोक्ताओं या फिर अधिकृत लोगों को ही ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन करने वाली कंपनी के पास इलेक्ट्रॉनिक वर्क-परमिट का कोटा होना अनिवार्य है। इसके साथ ही कंपनी का कमर्शियल लाइसेंस वैध होना चाहिए और उस पर किसी भी तरह की रोक या सस्पेंशन नहीं होना चाहिए।

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आवेदन करने वाले उम्मीदवार की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए और उसके पास पहले से यूएई का कोई सक्रिय वर्क परमिट नहीं होना चाहिए। अगर कोई उम्मीदवार डॉक्टर, नर्स, टीचर या फिर कानूनी पेशे जैसे रेग्युलेटेड प्रोफेशन से जुड़ा है तो उसे अपनी डिग्री और लाइसेंस संबंधी सभी नियमों को पूरा करना होगा। भारतीय आवेदकों के लिए जरूरी दस्तावेजों में एक साफ रंगीन फोटो, कम से कम छह महीने की वैधता वाला पासपोर्ट और मंत्रालय के तय फॉर्मेट में साइन किया हुआ जॉब ऑफर लेटर होना अनिवार्य है।

स्किल लेवल और योग्यता के नियम

यूएई सरकार ने कर्मचारियों की योग्यता के हिसाब से अलग-अलग स्किल लेवल तय किए हैं। लेवल 1 और लेवल 2 के लिए उम्मीदवार के पास कम से कम बैचलर डिग्री होनी चाहिए। लेवल 3 और लेवल 4 के लिए डिप्लोमा या उससे ऊपर की पढ़ाई जरूरी है जबकि लेवल 5 के लिए हाई स्कूल यानी 12वीं का सर्टिफिकेट होना चाहिए। जिन लोगों की सैलरी 4,000 AED प्रति महीने से कम है या जिनके पास डिग्री नहीं है उन्हें स्किल्ड वर्कर की श्रेणी में नहीं रखा जाता है। नर्सिंग, हेल्थकेयर, शिक्षा या फिटनेस जैसे सेक्टर के लोगों को यूएई की यात्रा करने से पहले अपने नियोक्ता से सभी जरूरी प्रोफेशनल अप्रूवल कंफर्म करने होंगे।

कितना आएगा खर्च और क्या हैं फीस के नियम

इस परमिट के लिए फेडरल एप्लीकेशन फीस AED 50 रखी गई है। वहीं दो साल के इस परमिट को जारी करने की फीस कंपनी की कैटेगरी के हिसाब से अलग-अलग तय की गई है। कैटेगरी 1 की कंपनियों के लिए यह फीस AED 250, कैटेगरी 2 के लिए AED 1,200 और कैटेगरी 3 के लिए AED 3,450 है। अगर कोई बिजनेस सर्विस सेंटर के जरिए काम कराता है तो वे प्रति सर्विस अधिकतम AED 72 तक का कमिशन ले सकते हैं। हालांकि जो लोग खुद MoHRE की आधिकारिक वेबसाइट या स्मार्ट ऐप के जरिए आवेदन करेंगे उनसे मंत्रालय द्वारा कोई अतिरिक्त सर्विस चार्ज नहीं लिया जाएगा। टैक्स और कलेक्शन चार्ज अलग से लग सकते हैं।

कानूनी चेतावनी और जरूरी बातें

यूएई के लेबर कानून के तहत कोई भी कंपनी या नियोक्ता अपने कर्मचारी से रिक्रूटमेंट या एम्प्लॉइज्मेंट का खर्च वसूल नहीं कर सकता है। अगर कोई रिक्रूटर या मालिक वर्क परमिट, कोटा या लेबर कार्ड के नाम पर पैसे मांगता है तो वह पूरी तरह से गैरकानूनी माना जाएगा। इसके अलावा टूरिस्ट या विजिट वीजा पर यूएई में काम करना सख्त मना है और ऐसा करने पर भारी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। उम्मीदवार को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे सही इलेक्ट्रॉनिक एम्प्लॉयमेंट एंट्री परमिट प्रक्रिया का पालन करें। यूएई पहुंचने के बाद मेडिकल जांच, अमीरात आईडी बनवाने और रेजिडेंसी से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं।

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