फारस की खाड़ी में यूएई से जुड़े तीन तेल टैंकरों पर हमला

अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंताएं बढ़ गई हैं। फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के संवेदनशील क्षेत्र में यूएई से जुड़े तीन तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने की बड़ी घटना सामने आई है। इन जहाजों पर यात्रा के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में हमले हुए, जिससे समुद्री परिवहन सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
किन जहाजों को बनाया गया निशाना?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन जहाजों पर हमले की पुष्टि हुई है उनमें लाइबेरिया के झंडे वाले पोत अल रुवैस (Al Ruwais), मर्सिन प्रोस्पेरिटी (Mersin Prosperity) और सिंबाद (Sinbad) शामिल हैं। इनमें से अल रुवैस और मर्सिन प्रोस्पेरिटी का प्रबंधन एADNOC लॉजिस्टिक्स एंड सर्विसेज द्वारा किया जाता है, जबकि सिंबाद का प्रबंधन एंग्लो-ईस्टर्न टैंकर मैनेजमेंट के पास है।
खुफिया और शिपिंग एनालिटिक्स फर्मों के मुताबिक, ये सभी जहाज घटना के वक्त कथित तौर पर अपनी ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) को बंद करके यात्रा कर रहे थे। ओमान के तट के पास भी एक सुपरटैंकर पर हमले की सूचना मिली थी, जो कथित तौर पर अनधिकृत मार्ग का उपयोग कर रहा था।
प्रोटोकॉल उल्लंघन और सुरक्षा चिंताएं
जांच में सामने आया है कि ये वेसल फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण (PGSA) की नॉन-कम्प्लायंस या ब्लैकलिस्ट सूची में शामिल थे। इस प्राधिकरण के नियमों के अनुसार, सुरक्षा और नेविगेशन प्रोटोकॉल का पालन न करने वाले जहाजों पर कड़ी नजर रखी जाती है और उन्हें चेतावनी दी जाती है कि अनधिकृत मार्गों का उपयोग करने पर गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
इस बीच, इस घटना के बाद से क्षेत्रीय जलमार्गों में तनाव का माहौल है। समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने जहाजों को सतर्क रहने और सभी निर्धारित नेविगेशन मानकों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी है, ताकि इस प्रकार की सुरक्षा घटनाओं से बचा जा सके।