UAE फेडरल टैक्स अथॉरिटी ने मल्टीनेशनल कंपनियों के लिए जारी की नई टॉप-अप टैक्स गाइड

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की फेडरल टैक्स अथॉरिटी (FTA) ने बहुराष्ट्रीय उद्यमों (MNE) के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 'टॉप-अप टैक्स गाइड ऑन स्कोप एंड रजिस्ट्रेशन' जारी की है। इस नई गाइड का मुख्य उद्देश्य बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को यह समझने में मदद करना है कि उन पर टॉप-अप टैक्स के नियम कैसे लागू होंगे और उन्हें रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को कैसे पूरा करना है। यह गाइड विशेष रूप से उन टैक्स एजेंटों और पेशेवरों के लिए तैयार की गई है जो इन बड़ी कंपनियों के वित्तीय मामलों को संभालते हैं।
यह पूरी व्यवस्था OECD/G20 के 'टू-पिलर सॉल्यूशन' के अनुरूप है, जिसका मकसद डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़ी टैक्स चुनौतियों को हल करना है। इसके तहत 'ग्लोबल एंटी-बेस इरोजन' (GloBE) मॉडल नियमों का पालन किया जा रहा है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि दायरे में आने वाले बहुराष्ट्रीय समूह दुनिया के हर उस देश में कम से कम 15% की प्रभावी टैक्स दर का भुगतान करें, जहाँ वे अपना कारोबार कर रहे हैं। इसी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता के कारण UAE ने 1 जनवरी 2025 या उसके बाद शुरू होने वाले वित्तीय वर्षों के लिए QDMTT कानून पेश किया है।
किन कंपनियों पर लागू होगा यह नया टैक्स नियम?
गाइड के अनुसार, यह टॉप-अप टैक्स उन बहुराष्ट्रीय समूहों की सदस्य संस्थाओं पर लागू होगा जिनका वार्षिक राजस्व कम से कम 750 मिलियन यूरो है। यह गणना अंतिम पैरेंट कंपनी के समेकित वित्तीय विवरणों (consolidated financial statements) के आधार पर की जाएगी, और यह शर्त पिछले चार वित्तीय वर्षों में से कम से कम दो वर्षों तक पूरी होनी चाहिए।
यहाँ कुछ महत्वपूर्ण बिंदु दिए गए हैं जो कंपनियों को जानने चाहिए:
- स्थानीय कंपनियों को छूट: जो समूह केवल UAE के भीतर ही काम करते हैं, वे इस कानून के दायरे से बाहर रहेंगे, चाहे उनका राजस्व कितना भी अधिक क्यों न हो।
- व्यावहारिक उदाहरण: गाइड में जॉइंट वेंचर, हाइब्रिड संस्थाओं और स्थायी प्रतिष्ठानों (permanent establishments) के टैक्स ट्रीटमेंट को समझाने के लिए उदाहरण दिए गए हैं।
- रजिस्ट्रेशन और फाइलिंग: इसमें रजिस्ट्रेशन प्रोटोकॉल और 'पिलर टू इंफॉर्मेशन रिटर्न' दाखिल करने की विस्तृत प्रक्रिया बताई गई है।
FTA ने स्पष्ट किया है कि इस गाइड का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और स्वैच्छिक अनुपालन (voluntary compliance) को बढ़ावा देना है। इससे UAE एक प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ आर्थिक वातावरण बनाए रखने में सक्षम होगा, जो वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के साथ मेल खाता है। गौरतलब है कि 18 अगस्त 2025 को OECD के केंद्रीय रिकॉर्ड में UAE को "ट्रांजिशनल क्वालिफाइड" दर्जा दिया गया था।