नेशनल सर्विस से बचने के लिए फर्जीवाड़ा, यूएई के कई आरोपी सैन्य अदालत भेजे गए
यूएई के मिलिट्री अटॉर्नी-जनरल ने नेशनल सर्विस से छूट पाने के लिए फर्जी दस्तावेज बनाने वाले आरोपियों को सैन्य अदालत भेजने का आदेश दिया है।

अबू धाबी: यूएई के मिलिट्री अटॉर्नी-जनरल ने नेशनल और रिजर्व सर्विस से अवैध रूप से छूट पाने के लिए आधिकारिक अधिकारों का दुरुपयोग करने वाले कई आरोपियों को मिलिट्री क्रिमिनल कोर्ट भेजने का आदेश दिया है।
एमिरेट्स न्यूज एजेंसी (WAM) के मुताबिक, मिलिट्री प्रोसिक्यूशन की जांच में यह सामने आया है कि आरोपियों ने अनिवार्य सेवा की प्रक्रियाओं से बचने के लिए आधिकारिक डेटा, दस्तावेजों और मेडिकल रिपोर्ट में हेरफेर किया था।
फेडरल लॉ नंबर 6 ऑफ 2014 के तहत यूएई के 18 से 30 वर्ष की आयु के पुरुष नागरिकों के लिए नेशनल सर्विस अनिवार्य है। कानून में केवल मेडिकल रूप से अयोग्य होने जैसी वैध स्थितियों में ही छूट का प्रावधान है।
नियमों का पालन न करने वालों के लिए सख्त सजा तय की गई है। दोषी पाए जाने पर एक महीने से एक साल तक की जेल, 10,000 से 50,000 दिरहम तक का जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं।
30 अक्टूबर 2026 को जारी एक बयान में मिलिट्री अटॉर्नी-जनरल ने कहा कि नेशनल सर्विस एक सम्मानजनक कर्तव्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि अपनी स्थिति का दुरुपयोग कर इन जिम्मेदारियों से बचने वाले किसी भी व्यक्ति को सैन्य न्यायपालिका के सामने जवाबदेह ठहराया जाएगा ताकि राष्ट्रीय कर्तव्यों में न्याय और समानता बनी रहे।