UAE में अल नीनो तूफान का खतरा, मौसम विभाग ने कहा कि डरने की कोई बात नहीं है.

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE के नेशनल सेंटर ऑफ़ मेट्रोलॉजी ने हाल ही में सोशल मीडिया पर फैल रही उन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिनमें भारी तबाही लाने वाले अल नीनो मौसम को लेकर डर का माहौल बनाया जा रहा था। मौसम विभाग ने आम जनता को यह साफ तौर पर भरोसा दिलाया है कि इस प्राकृतिक घटना से देश में किसी भी तरह के बड़े खतरे की कोई बात नहीं है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
मौसम विभाग का आधिकारिक बयान और आने वाले महीनों का हाल
11 सितंबर 2026 को जारी किए गए आधिकारिक बयान में अधिकारियों ने बताया कि अल नीनो मुख्य रूप से प्रशांत महासागर की एक गतिविधि है, जिसका असर यूएई पर बहुत ही सीमित और अप्रत्यक्ष रूप से पड़ता है। मेट्रोलॉजी डिपार्टमेंट के निदेशक डॉ. मोहम्मद अल एबरी ने यह जानकारी दी कि इस साल का अल नीनो पिछले साल यानी 2024 के मुकाबले थोड़ा ज्यादा ताकतवर हो सकता है। मौसम के जानकारों का अनुमान है कि इसका असर देश में इस साल के पतझड़ के मौसम से दिखना शुरू हो जाएगा और यह सर्दी के पूरे सीजन यानी 2026-27 तक जारी रहेगा, जो अगले साल अप्रैल महीने तक चल सकता है।
अक्टूबर से फरवरी के बीच तापमान और बारिश सामान्य से थोड़ी ज्यादा रहने की उम्मीद जताई गई है, जिसमें कुछ समय के लिए तेज गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं। हालांकि मौसम विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि बारिश सामान्य से ज्यादा जरूर हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि देश भर में अचानक से बाढ़ आ जाएगी या कोई बहुत बड़ी आपदा आ जाएगी। सरकार की तरफ से साफ कहा गया है कि देश का मौसम एकदम स्थिर है और चौबीसों घंटे इस पर कड़ी नजर रखी जा रही है। किसी भी तरह की पुख्ता जानकारी केवल आधिकारिक सूत्रों के माध्यम से ही लोगों तक पहुंचाई जाएगी।
दुबई और अन्य मीडिया प्लेटफॉर्म्स की रिपोर्ट
इस पूरी खबर को यूएई के कई जाने-माने मीडिया संस्थानों जैसे कि Gulf News, दुबई ऐरे, शारजाह 24 और एमिरेट्स 24 ने प्रमुखता से कवर किया है। अधिकारियों ने विश्व मौसम संगठन यानी WMO के वैश्विक पूर्वानुमानों का हवाला देते हुए लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर आने वाली बिना जांचे-परखे संदेशों को आगे न बढ़ाएं। यूएई में रहने वाले सभी प्रवासी भारतीयों और स्थानीय नागरिकों से यह अनुरोध किया गया है कि मौसम से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल सरकारी और आधिकारिक चैनलों पर ही भरोसा रखें।