UAE ने ईरानी एयरलाइंस पर लगाई रोक, अमेरिका के नए प्रतिबंधों का असर

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए ईरानी एयरलाइंस की सभी उड़ानों को निलंबित कर दिया है। यह निलंबन 24 सितंबर, 2026 की आधी रात से प्रभावी हो गया है। यह कदम अमेरिका द्वारा ईरान के विमानन क्षेत्र पर लगाए गए नए और कड़े प्रतिबंधों के सीधे जवाब में आया है, जो 23 सितंबर, 2026 को लागू हुए थे। इस फैसले से ईरान और खाड़ी क्षेत्र के बीच हवाई यात्रा पर गहरा असर पड़ा है, जिससे क्षेत्रीय संपर्क और यात्रियों की आवाजाही प्रभावित होगी।
इस निलंबन के कारण, ईरान एयरटूर (Iran Airtour) की तेहरान से दुबई के लिए निर्धारित उड़ान सहित कई सेवाएं तुरंत रद्द हो गईं। ईरानी समाचार एजेंसी ISNA और ईरान के नागरिक उड्डयन संगठन (Iran’s Civil Aviation Organization) की रिपोर्टों में इन उड़ानों के रद्द होने की पुष्टि की गई है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य अमेरिका के इन प्रतिबंधों का पालन करना है, जिनका मकसद ईरान के विमानन उद्योग पर दबाव बढ़ाना और उसे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए सीमित करना है।
अमेरिकी वित्त मंत्री (US Treasury Secretary) स्कॉट बेस्सेंट ने 21 सितंबर, 2026 को इन उपायों की घोषणा की थी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि कोई भी विदेशी संस्था, जिसमें हवाई अड्डे (airports), ईंधन आपूर्तिकर्ता (fuel suppliers) और टिकट एजेंट (ticketing agents) शामिल हैं, यदि वे ईरानी विमान सेवाओं को सुविधा प्रदान करते हैं, तो उन्हें भी अमेरिका के "सेकेंडरी सैंक्शन" (secondary sanctions) का सामना करना पड़ेगा। बेस्सेंट ने दावा किया है कि इन कड़े कदमों ने ईरान से बाहर जाने वाली लगभग 80 से 90 प्रतिशत उड़ानों को सफलतापूर्वक बंद कर दिया है, जिससे ईरान की अंतरराष्ट्रीय हवाई कनेक्टिविटी काफी कम हो गई है।
व्यापक हुआ प्रतिबंधों का असर
UAE के अलावा, इन प्रतिबंधों का असर कई अन्य देशों में भी फैल गया है। ईरानी एयरलाइंस को जॉर्जिया (Georgia), अज़रबैजान (Azerbaijan), बगदाद (Baghdad), मस्कट (Muscat) और कतर (Qatar) के लिए अपनी उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं। एक और घटना में, तेहरान से दुशान्बे (Dushanbe) जा रही एक उड़ान को तुर्कमेनिस्तान (Turkmenistan) द्वारा उसके हवाई क्षेत्र में प्रवेश से इनकार करने के बाद वापस लौटना पड़ा। हालांकि, कुछ छोटी ईरानी एयरलाइंस कथित तौर पर चीन (China), तुर्की (Turkey) और आर्मेनिया (Armenia) के चुनिंदा गंतव्यों के लिए उड़ानें जारी रखे हुए हैं।
ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया
तेहरान ने अमेरिका के इन प्रतिबंधों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताया है। ईरान के राष्ट्रपति (Iranian President) मसूद पेज़ेश्कियन ने कहा है कि ये प्रतिबंध केवल अमेरिका के दबाव के खिलाफ ईरान के प्रतिरोध को और मजबूत करेंगे और देश अपनी आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ेगा। वहीं, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (Iran's supreme national security council) के प्रमुख मोहसिन रेजाई ने पड़ोसी देशों को अमेरिकी प्रतिबंधों का पालन न करने की कड़ी चेतावनी दी है। रेजाई ने साफ तौर पर कहा है कि जो देश अमेरिका के उपायों में सहयोग करेंगे, उन्हें जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा कि, "अगर कोई देश अमेरिका के साथ सहयोग करता है या कोई साहसिक कदम उठाता है, तो उसके हवाई अड्डे ईरान के लिए उड़ानें संचालित नहीं कर पाएंगे।" यह स्थिति क्षेत्र में राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव को और बढ़ा सकती है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और यात्रियों, खासकर भारतीय प्रवासियों के लिए यात्रा योजनाओं में अनिश्चितता ला सकता है।