UAE Non-Oil Trade: BRICS देशों के साथ व्यापार में 28.5 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी

यूएई (UAE) के विदेश व्यापार राज्य मंत्री Dr. Thani bin Ahmed Al Zeyoudi ने हाल ही में एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि नई दिल्ली, भारत में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में यूएई की भागीदारी वैश्विक आर्थिक मंचों पर देश की मजबूत स्थिति को दिखाती है। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में यूएई के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अबू धाबी के क्राउन प्रिंस H.H. Sheikh Khaled bin Mohamed bin Zayed Al Nahyan ने किया था। इस बड़े आयोजन के दौरान दोनों पक्षों के बीच आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूत करने को लेकर कई अहम मुद्दों पर खुलकर बातचीत की गई।
ब्रिक्स देशों के साथ व्यापार में जबरदस्त उछाल
मंत्री Al Zeyoudi ने आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि की कि पिछले साल यूएई और ब्रिक्स (BRICS) सदस्य देशों के बीच गैर-तेल व्यापार (non-oil trade) का आंकड़ा US$312 billion यानी 31.2 अरब डॉलर से भी ज्यादा पहुंच गया। यह चौंकाने वाला आंकड़ा यूएई के कुल गैर-तेल व्यापार का 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है। पिछले साल की तुलना में इसमें सालाना आधार पर 28.5 percent की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है। इस रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी से साफ है कि आने वाले समय में यूएई और इन देशों के बीच व्यावसायिक रिश्ते और ज्यादा गहरे होने वाले हैं।
इस सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए मंत्री ने भारत सरकार की जमकर तारीफ की और 'BRICS New Delhi Declaration' के सफलतापूर्वक जारी होने पर खुशी जताई। उन्होंने बताया कि इस समिट के एजेंडे में आर्थिक, तकनीकी, सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक जैसे कई अहम विषय शामिल थे। ब्रिक्स देशों के पास मौजूद विशाल बाजारों, युवा आबादी और लगातार बढ़ रहे औद्योगिक क्षेत्रों की वजह से भविष्य में व्यापार के मोर्चे पर बहुत अच्छे अवसर नजर आ रहे हैं। आम आदमी और व्यापारियों के लिए यह एक बहुत ही सकारात्मक खबर है, जिससे रोजगार और बिजनेस के नए रास्ते खुलेंगे।
तकनीक और नए समझौतों पर जोर
यूएई सरकार भविष्य में सहयोग के लिए टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को सबसे जरूरी क्षेत्र मानती है। देश का मुख्य उद्देश्य इस सम्मेलन के परिणामों का पूरा फायदा उठाना है ताकि व्यापार को आसान बनाया जा सके और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स का दायरा बढ़ाया जा सके। यह कदम यूएई की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत देश अपनी अर्थव्यवस्था को तेल के अलावा दूसरे क्षेत्रों में भी फैला रहा है। इससे प्राइवेट सेक्टर के व्यापारियों और काम करने वाले प्रवासियों (expats) के लिए भी तरक्की के नए दरवाजे खुलेंगे। यूएई लगातार बहुपक्षीय सहयोग और दुनिया भर में टिकाऊ विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।