हूती मिलिशिया ने अदन पर दागे बैलिस्टिक मिसाइल और यूएई के तटों पर तेल रिसाव से कई बीच बंद

यूएई के कई बीच तेल रिसाव के कारण बंद कर दिए गए हैं, वहीं हूती मिलिशिया ने अदन पर मिसाइल हमला किया है।

Gautam Sahu24 October 20262 min read0 viewsWorld
हूती मिलिशिया ने अदन पर दागे बैलिस्टिक मिसाइल और यूएई के तटों पर तेल रिसाव से कई बीच बंद

अदन/दुबई: यमन की अस्थायी राजधानी अदन पर 24 अक्टूबर 2026 को हूती मिलिशिया ने बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है। इस हमले के साथ ही संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में तेल रिसाव के कारण बड़ा पर्यावरणीय संकट खड़ा हो गया है, जिसकी वजह से कई तटों और बीचों को बंद करना पड़ा है।

यूएई के रास अल खैमाह में पुलिस मुख्यालय और सार्वजनिक सेवा विभाग के समन्वय से सभी स्थानीय बीच बंद करने के आदेश दिए गए हैं। इससे पहले उम अल क्वैन और शारजाह में भी इसी तरह के कदम उठाए गए थे, जहां एहतियातन अल हमरीyah बीच को बंद कर दिया गया।

यूएई के जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण मंत्रालय (MOCCAE) ने पुष्टि की है कि यह रिसाव एक टैंकर से हुआ है। ऑर्बिटल रिस्क इंटेलिजेंस के सीईओ मार्टिन केली ने इस जहाज की पहचान 'जेम नंबर 2' के रूप में की है।

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सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि 19 से 21 अक्टूबर के बीच इस जहाज से करीब 35 किलोमीटर तक तेल फैला हुआ था। बताया गया है कि 9 और 10 अक्टूबर के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक संदिग्ध हमले में यह जहाज क्षतिग्रस्त हो गया था।

मैरीटाइम इंटेलिजेंस फर्म विंडवर्ड ने सबसे पहले इस रिसाव की पहचान की थी। उन्होंने बताया कि उम अल क्वैन के तट से करीब 25 किलोमीटर दूर एक बड़े आकार के जहाज से तेल लीक हो रहा था। इस प्रदूषण से अब सिनिया और खोर अल बेइदा द्वीपों को खतरा है, जो जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र माने जाते हैं।

शारजाह, अजमान और उम अल क्वैन के निवासियों ने हवा में तेज गंध महसूस करने की शिकायत की है। हालांकि, पर्यावरण मंत्रालय ने 24 अक्टूबर को स्पष्ट किया कि इन धुएं से स्वास्थ्य को कोई सीधा खतरा नहीं है।

ग्रीनपीस MENA की इनेसाफ बेंजाकी सहित विशेषज्ञों ने कहा है कि खाड़ी की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि तेल को फैलने से रोकना मुश्किल हो रहा है। फिलहाल सफाई का काम उम अल क्वैन नगर पालिका और संघीय पर्यावरण एजेंसियां कर रही हैं।

शारजाह पुलिस कमांडर-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अब्दुल्ला मुबारक बिन আমের ने 20 अक्टूबर को स्थिति स्थिर बताई थी, लेकिन प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में मछली पकड़ने की सभी गतिविधियों को अगले आदेश तक रोक दिया है।

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