यूएई के नेतृत्व में चले ऑपरेशन कन्फ्रंटेशन घोस्ट ने 39 अरब डॉलर की धोखाधड़ी वाली संपत्ति पकड़ी और करोड़ों साइबर हमलों को रोका

अबू धाबी: यूएई के आंतरिक मंत्रालय के नेतृत्व में चलाए गए ऑपरेशन कन्फ्रंटेशन घोस्ट ने दुनिया भर में धोखाधड़ी से जुड़ी 39 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की राशि और डिजिटल संपत्ति का पता लगाया है। इस अंतरराष्ट्रीय अभियान के जरिए वैश्विक स्तर पर ऑनलाइन धोखाधड़ी के 12.37 करोड़ से ज्यादा प्रयासों को नाकाम करने में सफलता मिली है।
यह ऑपरेशन 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 के बीच चलाया गया। इसमें इंटरपोल, ग्लोबल एंटी-स्कैम एलायंस (GASA) और 30 देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने हिस्सा लिया। साथ ही तकनीक और वित्त क्षेत्र के 13 निजी भागीदारों ने भी इस मुहिम में सहयोग किया।
अभियान के दौरान 960 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया और 3,500 से ज्यादा संदिग्धों की पहचान हुई। अधिकारियों ने 15,500 पीड़ितों का विवरण जुटाया और खुफिया जानकारी के 9,000 से अधिक टुकड़ों का आदान-प्रदान किया।
कार्रवाई के तहत 4,126 बैंक खातों को ब्लॉक किया गया और धोखाधड़ी से जुड़े 570 सोशल मीडिया अकाउंट बंद किए गए। इसके अलावा, ठगी के लिए इस्तेमाल होने वाले 29 केंद्रों पर छापेमारी की गई। डेटा सुरक्षा बढ़ाने के लिए टोकेनाइजेशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिससे हर महीने चार अरब से अधिक वित्तीय लेनदेन सुरक्षित किए गए।
इस ऑपरेशन में यूएई के अलावा फिलीपींस, कनाडा, नॉर्वे, जापान, ब्रिटेन, इक्वाडोर, रोमानिया, कुवैत, नेपाल, उज्बेकिस्तान, डेनमार्क, म्यांमार, ब्राजील, जॉर्डन, इटली, मालदीव, सिंगापुर, स्वीडन, चीन, सेनेगल, फ्रांस, बहरीन, कजाकिस्तान, इंडोनेशिया, स्लोवाकिया, केन्या, मोरक्को, नीदरलैंड और दक्षिण कोरिया ने शिरकत की।
निजी क्षेत्र से बायुत, क्रिप्टो डॉट कॉम, दुबिज़ल, फीडज़ाई, घोस्टली सॉल्यूशंस, ग्रुप-आईबी, हुआवेई, मास्टरकार्ड, मिया पिको, मेटा, आउटसीयर, टिकटॉक और ट्रेंड माइक्रो ने मदद की। यह अभियान मुख्य रूप से एआई आधारित धोखाधड़ी, प्लेटफॉर्म आधारित वित्तीय अपराधों और ऑनलाइन सेक्सटॉर्शन पर केंद्रित था।
इन परिणामों को वियना में 19 से 23 अक्टूबर 2026 तक आयोजित संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन अगेंस्ट ट्रांसनेशनल ऑर्गेनाइज्ड क्राइम के 13वें सत्र के एक साइड इवेंट में पेश किया गया।
आंतरिक मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय मामलों के ब्यूरो की महानिदेशक कर्नल दाना अल मरज़ूकी ने बताया कि इस ऑपरेशन की सफलता यह दिखाती है कि उभरती तकनीकों का फायदा उठाने वाले सीमा पार आपराधिक नेटवर्क को तोड़ने के लिए एकीकृत सुरक्षा और तकनीकी सहयोग जरूरी है।