UAE से भारत भेजे जाने वाले पैसों में आया बड़ा उछाल, जानिए क्या है नया आंकड़ा और पूरी रिपोर्ट.

Praggya Singh sabal28 August 20264 min read10 viewsUAE
UAE से भारत भेजे जाने वाले पैसों में आया बड़ा उछाल, जानिए क्या है नया आंकड़ा और पूरी रिपोर्ट.

यूएई से अपने घर पैसा भेजने वाले प्रवासियों के लिए एक बहुत ही काम की और बड़ी खबर सामने आई है। संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE के सेंट्रल बैंक द्वारा जारी की गई Financial Stability Report 2025 के अनुसार, साल 2025 में देश के एक्सचेंज हाउस से बाहर जाने वाले पैसों यानी आउटवर्ड रेमिटेंस में 27.8 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस दौरान कुल रकम बढ़कर 188.8 अरब AED (अरब दिरहम) तक पहुंच गई है, जो कि पिछले सालों के मुकाबले काफी ज्यादा है। इस पूरी रिपोर्ट में भारत को लेकर भी कई बड़े आंकड़े सामने आए हैं, जो खाड़ी देशों में रहने वाले और वहां से भारत पैसा भेजने वाले हर एक भारतीय नागरिक के लिए जानना बहुत जरूरी है।

किस कैटेगरी में कितना गया पैसा

सेंट्रल बैंक की इस रिपोर्ट के मुताबिक, जो कुल 188.8 अरब AED बाहर भेजे गए हैं, उनमें से अकेले पर्सनल रेमिटेंस यानी निजी तौर पर परिवारों को भेजे जाने वाले पैसे 115.7 अरब AED रहे हैं। इसके अलावा, ट्रेड यानी व्यापार से जुड़े ट्रांसफर 63.3 अरब AED, अन्य रेमिटेंस 8.5 अरब AED और निवेश यानी इन्वेस्टमेंट से जुड़े ट्रांसफर 1 अरब AED दर्ज किए गए हैं। वहीं दूसरी तरफ, एक्सचेंज बिजनेस के जरिए यूएई के अंदर आने वाले पैसों यानी इनवर्ड रेमिटेंस में भी 53.6 प्रतिशत की जबरदस्त तेजी आई है और यह बढ़कर 36 अरब AED हो गए हैं। इसमें ट्रेड से जुड़े इनफ्लो 22.8 अरब AED और पर्सनल इनफ्लो 8.1 अरब AED रहे हैं।

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भारत के लिए क्या कहती है आरबीआई की रिपोर्ट

भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI के वित्तीय वर्ष 2023-24 के आंकड़ों पर अगर नजर डालें, तो भारत में बाहर से आने वाले पैसों के मामले में UAE दूसरा सबसे बड़ा देश है। भारत में आने वाले कुल रेमिटेंस का 19.2 प्रतिशत हिस्सा अकेले यूएई से आता है, जबकि पहले स्थान पर अमेरिका है जिसका हिस्सा 27.7 प्रतिशत है। अगर सभी खाड़ी देशों यानी GCC देशों की बात करें, जिसमें यूएई, सऊदी अरब, कुवैत, कतर, ओमान और बहरीन शामिल हैं, तो इन सभी का कुल मिलाकर योगदान 37.9 प्रतिशत है। भारत के लिए यूएई का यह योगदान साल 2020-21 में 18 प्रतिशत था, जो बढ़कर 2023-24 में 19.2 प्रतिशत हो गया है।

भारत के किन राज्यों में पहुंचता है सबसे ज्यादा पैसा

आरबीआई के आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि भारत के अंदर किस राज्य में सबसे ज्यादा पैसा विदेशों से भेजा जाता है। इस मामले में Maharashtra सबसे आगे है जिसे कुल रेमिटेंस का 20.5 प्रतिशत हिस्सा मिला है। इसके बाद दूसरे नंबर पर Kerala है जिसे 19.7 प्रतिशत हिस्सा मिला है। सूची में आगे बढ़ते हुए Tamil Nadu को 10.4 प्रतिशत, Telangana को 8.1 प्रतिशत और Karnataka को 7.7 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त हुआ है। खाड़ी देशों में काम करने वाले हमारे मजदूर भाई और अन्य पेशेवर लोग इन्हीं राज्यों अपने घरों में परिवार का गुजारा चलाने के लिए पैसे भेजते हैं।

डिजिटल तरीकों का बढ़ रहा है इस्तेमाल

आज के समय में तकनीक बहुत तेजी से बदल रही है और इसका असर मनी ट्रांसफर सेक्टर पर भी साफ-साफ दिखाई दे रहा है। अल अंसारी एक्सचेंज के सीईओ Ali Al Najjar ने जानकारी दी है कि उनकी कंपनी के लगभग 30 प्रतिशत ट्रांजैक्शन अब डिजिटल चैनलों के माध्यम से हो रहे हैं। सेंट्रल बैंक ने सभी लाइसेंस प्राप्त वित्तीय संस्थानों को यह सख्त निर्देश दिए हैं कि वे एक्सचेंज रेट, स्प्रेड और फीस की जानकारी बहुत ही पारदर्शिता के साथ ग्राहकों को दें। आम लोगों को सलाह दी जाती है कि वे केवल ट्रांसफर फीस देखने के बजाय भारतीय रुपये यानी INR में मिलने वाले फाइनल अमाउंट की आपस में तुलना जरूर करें। इसके अलावा, विशेषज्ञों ने सोशल मीडिया या व्हाट्सएप जैसे अवैध और अनौपचारिक तरीकों से पैसे भेजने से साफ मना किया है क्योंकि इससे धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का बहुत बड़ा खतरा रहता है।

यूएई एक्सचेंज सेक्टर की वित्तीय स्थिति

आर्थिक मोर्चे पर बात करें तो साल 2025 में यूएई के एक्सचेंज सेक्टर ने 625.6 मिलियन AED का शुद्ध लाभ कमाया है, जिसमें 8.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही इस सेक्टर की पूंजी की स्थिति भी 4.4 प्रतिशत बढ़कर लगभग 4 अरब AED हो गई है। यह पूरा सेक्टर यूएई में रहने वाले उस विशाल प्रवासी कामगार वर्ग को लगातार सपोर्ट कर रहा है जो कंस्ट्रक्शन, हेल्थकेयर, हॉस्पिटैलिटी, रिटेल, लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्ट और सर्विस सेक्टर जैसे तमाम उद्योगों में अपनी मेहनत की कमाई कमाने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं।

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