UAE और पाकिस्तान समेत कई देशों ने किया ब्रिटेन के इस फैसले का स्वागत, इस्राइल के खिलाफ उठाया बड़ा कदम

संयुक्त अरब अमीरात (UAE), पाकिस्तान और कई अन्य मुस्लिम देशों ने मिलकर ब्रिटेन के एक बड़े फैसले का स्वागत किया है। 9 सितंबर 2026 को यूएई, पाकिस्तान, तुर्की, सऊदी अरब, कतर, मिस्र, इंडोनेशिया और जॉर्डन के विदेश मंत्रियों ने एक साझा बयान जारी किया। इस बयान में ब्रिटेन के उस फैसले की तारीफ की गई जिसके तहत कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्र में अवैध इस्रायली बस्तियों से आने वाले सामान के आयात पर बैन लगा दिया गया है। यह अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया ब्रिटिश विदेश मंत्री Ed Miliband द्वारा हाउस ऑफ कॉमन्स में 8 सितंबर 2026 को की गई औपचारिक घोषणा के बाद सामने आई है, जिसकी अधिक जानकारी आप ब्रिटिश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।
ब्रिटेन सरकार का नया प्रतिबंध और नीतियां
ब्रिटिश सरकार की इस नई नीति में उन कंपनियों और लोगों को निशाना बनाने के लिए एक व्यापक प्रतिबंध व्यवस्था शामिल है जो बस्तियों के विस्तार में शामिल हैं। इसमें निर्माण, बुनियादी ढांचा, वित्तपोषण या रियल एस्टेट सेवाएं देने वाले लोग भी शामिल हैं। इस नीति के तहत इन बस्तियों के भीतर जमीन और संपत्ति के प्रचार या विज्ञापन पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है। विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने इस स्थिति को 'सेटलर्स आतंकवादियों' द्वारा फिलिस्तीनियों का 'जातीय संहार' बताया और घोषणा की कि ब्रिटेन उन कामों का समर्थन नहीं करेगा जो दो-राष्ट्र समाधान को खतरे में डालते हैं। इस बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यूके सरकार के इस पेज पर जा सकते हैं। व्यापार प्रतिबंध को लागू करने वाला कानून अगले छह से नौ महीनों के भीतर पूरी तरह से लागू होने की उम्मीद है, जबकि तुरंत उठाए जाने वाले कदम और भी पहले शुरू हो जाएंगे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
अपने संयुक्त जवाब में इन आठ मुस्लिम बहुल देशों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक ऐसे ही कदम उठाएं। उन्होंने इस्राइल से यह भी आग्रह किया कि वे फिलिस्तीनी क्षेत्रों की जनसांख्यिकीय और भौगोलिक स्थिति को बदलने वाली गतिविधियों को तुरंत रोकें। यूएई, पाकिस्तान और उनके सहयोगियों ने 12 देशों द्वारा जारी किए गए एक अन्य संयुक्त बयान का भी समर्थन किया, जिसमें संघर्ष को हल करने के लिए दो-राष्ट्र समाधान की जरूरत पर जोर दिया गया है। कतर की समाचार एजेंसी की इस रिपोर्ट में भी इस बात की पुष्टि की गई है। हालांकि, ब्रिटेन की इस नीति में बदलाव के बाद दुनिया भर में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। इस्राइल के विदेश मंत्री Gideon Sa'ar ने इस कदम की कड़ी निंदा की और पूर्वी यरुशलम में ब्रिटिश कंसुलट को बंद करने और 12 ब्रिटिश नागरिकों के खिलाफ यात्रा प्रतिबंध लगाने जैसे जवाबी कदमों की घोषणा की। वहीं, इस्राइल में अमेरिकी राजदूत Mike Huckabee ने चेतावनी दी कि इस नीति में बदलाव से वाशिंगटन की तरफ से भी प्रतिक्रिया आ सकती है। इसके विपरीत, ब्रिटेन के इस रुख का समर्थन पश्चिमी देशों के एक बढ़ते गठबंधन द्वारा किया जा रहा है, जिसमें कनाडा, फ्रांस, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, आयरलैंड, नॉर्वे, पोलैंड, पुर्तगाल, स्पेन और स्वीडन शामिल हैं जो या तो ऐसे व्यापार प्रतिबंध लागू कर रहे हैं या उनकी तैयारी कर रहे हैं।