यूएई में रहने वाले पाकिस्तानी नागरिक अब इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट के लिए आवेदन कर सकते हैं और पुराने मशीन रीडेबल पासपोर्ट बंद हो गए हैं
यूएई में रहने वाले पाकिस्तानी नागरिक अब इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट के लिए आवेदन कर सकते हैं। मशीन रीडेबल पासपोर्ट का दौर अब खत्म हो गया है।

दुबई: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रहने वाले पाकिस्तानी नागरिकों के लिए अब इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट (ई-पासपोर्ट) की सुविधा शुरू हो गई है। 23 अक्टूबर 2026 से यह नया सिस्टम सभी आवेदनों के लिए मानक बन गया है। इसके साथ ही मशीन रीडेबल पासपोर्ट (MRP) जारी करने का काम 22 अक्टूबर 2026 को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
इस सेवा का लाभ अबू धाबी में पाकिस्तान दूतावास और दुबई में पाकिस्तान के महावाणिज्य दूतावास के माध्यम से लिया जा सकता है। Directorate General of Immigration and Passports (DGIP) के अधिकारियों ने बताया कि यह कदम सेवाओं को आधुनिक बनाने और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार दस्तावेजों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
पुराने मशीन रीडेबल पासपोर्ट अपनी छपी हुई समाप्ति तिथि तक वैध रहेंगे। हालांकि, सरकार ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे अपने पासपोर्ट के नवीनीकरण के लिए तभी आवेदन करें जब उनके वर्तमान यात्रा दस्तावेजों की वैधता छह महीने से कम बची हो।
नए ई-पासपोर्ट की प्रक्रिया के लिए अब पहला और अंतिम नाम, दोनों का होना अनिवार्य कर दिया गया है। जिन नागरिकों के पासपोर्ट में केवल एक ही नाम है, उन्हें आवेदन के दौरान अपनी जानकारी अपडेट करनी होगी ताकि इस शर्त को पूरा किया जा सके।
ई-पासपोर्ट की फीस यूएई दिरहम में ली जाएगी, जो पासपोर्ट की वैधता (5 या 10 साल), पन्नों की संख्या (36 या 72), प्रोसेसिंग की जल्दबाजी और पासपोर्ट खोने की स्थिति पर निर्भर करेगी। सामान्य प्रोसेसिंग के तहत 36 पन्नों वाले पांच साल के पासपोर्ट की शुरुआती फीस 145 दिरहम है। वहीं, दूसरी बार पासपोर्ट खोने पर 10 साल और 72 पन्नों वाले अर्जेंट पासपोर्ट की फीस 2,540 दिरहम तक हो सकती है।