UAE और भारत के रिश्तों पर बड़ी बात, राष्ट्रपति और पीएम मोदी के बीच हुई खास बातचीत.

UAE के राष्ट्रपति His Highness Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan और भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi के बीच टेलीफोन पर एक अहम बातचीत हुई। इस बातचीत के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने आपसी संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर खुलकर चर्चा की। यह बातचीत मुख्य रूप से दोनों देशों के बीच पहले से चल रही कॉप्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप और कॉप्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट के दायरे को और आगे बढ़ाने पर केंद्रित थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया।
जन्मदिन की दी बधाई और शुभकामनाएं
इस फोन कॉल के दौरान UAE के राष्ट्रपति Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan ने भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi को उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। UAE के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी के अच्छे स्वास्थ्य, लंबी उम्र और उनके नेतृत्व में भारत की तरक्की की कामना की। उन्होंने कहा कि भारत लगातार प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है और देश के लोगों की उम्मीदें पूरी हो रही हैं। राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में दोनों देशों की दोस्ती और गहरी होगी जिससे आम जनता को भी सीधा फायदा मिलेगा।
भारत और UAE के मजबूत होते रिश्ते
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने UAE के राष्ट्रपति द्वारा दी गई शुभकामनाओं के लिए उनका तहेदिल से शुक्रिया अदा किया। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि वह दोनों देशों के बीच के रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। भारत और यूएई के बीच का यह रिश्ता न सिर्फ सरकारों के स्तर पर बल्कि दोनों देशों के नागरिकों के लिए भी बहुत फायदेमंद साबित हो रहा है। गल्फ देशों में रहने वाले लाखों भारतीयों के लिए भी यह मजबूत रिश्ते बहुत मायने रखते हैं क्योंकि इससे वहां काम करने और बिजनेस करने वाले प्रवासियों के लिए माहौल और बेहतर होता है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और आपसी सहयोग पर जोर
बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने आपसी हितों से जुड़े कई क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों पर भी बात की। इसमें खासतौर पर क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखने के लिए चल रहे प्रयासों पर जोर दिया गया। भारत और यूएई ने मिलकर काम करने की अपनी इच्छा को फिर से दोहराया ताकि दोनों देशों के नागरिक सुरक्षित माहौल में रह सकें और दोनों अर्थव्यवस्थाएं तेजी से आगे बढ़ सकें। यह बातचीत इस बात का प्रमाण है कि दोनों देश हर परिस्थिति में एक-दूसरे के साथ खड़े हैं और मिलकर आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं।