UAE में Emirati महिलाओं ने मारी बाजी, प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों में आया 128 प्रतिशत का बड़ा उछाल.

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE के प्राइवेट सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी को लेकर एक बहुत बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है। देश के मानव संसाधन और Emiratisation मंत्रालय ने हाल ही में आंकड़े जारी किए हैं जिनमें बताया गया है कि देश की महिलाओं ने प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों में शानदार तरक्की हासिल की है। साल 2026 के पहले छह महीनों यानी जून के अंत तक प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाली स्थानीय महिलाओं की संख्या 123,000 के आंकड़े को पार कर गई है। यह आंकड़ा साल 2023 की तुलना में 128% से ज्यादा की भारी बढ़ोतरी को साफ तौर पर दिखाता है।
स्किलफुल और तकनीकी पदों पर महिलाओं का कब्जा
मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इन कामकाजी महिलाओं में से करीब 98% महिलाएं अब ऐसे पदों पर काम कर रही हैं जिनमें विशेष कौशल और तकनीकी जानकारी की जरूरत होती है। इसमें स्पेशलिस्ट और टेक्निकल रोल्स शामिल हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि कुछ समय पहले तक यह आंकड़ा सिर्फ 71.5% था जो अब बहुत ज्यादा बढ़ गया है। इसके अलावा प्राइवेट सेक्टर में जितने भी पदों पर देश के नागरिक लीडरशिप या एग्जीक्यूटिव लेवल पर काम कर रहे हैं, उनमें से 55% पदों पर महिलाएं ही काबिज हैं। वहीं अगर उच्च पेशेवर यानी अपर प्रोफेशनल लेवल की बात की जाए तो वहां कुल वर्कफोर्स का 70% हिस्सा सिर्फ महिलाओं का है।
26 हजार से ज्यादा प्राइवेट कंपनियों में मिला रोजगार
इस साल जून के अंत तक यूएई की 26,000 से ज्यादा प्राइवेट कंपनियों और संस्थानों में Emirati महिलाओं को नौकरियां मिली हैं। इन आंकड़ों को देश में हर साल मनाए जाने वाले Emirati Women's Day के मौके पर विशेष रूप से साझा किया गया था। इस बार इस महिला दिवस के जश्न को पूरे एक महीने तक चलाया गया था ताकि महिलाओं की उपलब्धियों को खुलकर सराहा जा सके। मंत्रालय के अधिकारियों का यह कहना है कि यह विकास उन खास रणनीतिक नीतियों का नतीजा है जिन्हें सरकार ने महिलाओं के लिए नौकरी के अवसर बढ़ाने और बराबरी का मौका देने के लिए तैयार किया था।
लैंगिक समानता और सरकारी नीतियां
यह पूरी पहल देश की UAE Gender Balance Strategy 2022–2026 के बिल्कुल मुताबिक है। इस रणनीति का मुख्य लक्ष्य यूएई को लैंगिक समानता के मामले में पूरी दुनिया में नंबर एक यानी ग्लोबल लीडर बनाना है। देश का लेबर लॉ यानी श्रम कानून कार्यस्थल पर किसी भी तरह के लिंग आधारित भेदभाव को पूरी तरह रोकता है। सरकार इन सभी कोशिशों को लगातार बढ़ावा देती है ताकि महिलाओं का सशक्तिकरण हमेशा नेशनल Emiratisation रणनीति का एक मजबूत हिस्सा बना रहे। इन तमाम बदलावों से साफ पता चलता है कि यूएई सरकार देश की महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है जिससे देश की अर्थव्यवस्था को भी एक नई मजबूती मिल रही है।