UAE का बड़ा फैसला, 2030 तक क्लीन एनर्जी का लक्ष्य बढ़ाकर 35 प्रतिशत किया गया

Sushma Kumari1 September 20263 min read41 viewsUAE
UAE का बड़ा फैसला, 2030 तक क्लीन एनर्जी का लक्ष्य बढ़ाकर 35 प्रतिशत किया गया

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने पर्यावरण और बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। देश के ऊर्जा मंत्री सुहैल अल मजरोई ने 1 सितंबर 2026 को दुबई में आयोजित 50वें मिडल ईस्ट एनर्जी सम्मेलन के दौरान यह घोषणा की कि देश ने अपने साफ ऊर्जा लक्ष्य को बढ़ाकर 35% कर दिया है। इसे साल 2030-31 तक पूरा किया जाएगा। गल्फ देशों में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है ताकि आने वाले समय में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। ऊर्जा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि देश में बिजली की बचत, मजबूत बुनियादी ढांचे और सोलर पावर में निवेश को बढ़ाना अब बहुत जरूरी हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अब दिन-रात मिलने वाली सोलर एनर्जी प्राकृतिक गैस के मुकाबले काफी सस्ती और किफायती हो गई है, जिसकी वजह से इसका विस्तार करना देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी बहुत फायदेमंद साबित होगा।

रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता में जबरदस्त बढ़ोतरी

ऊर्जा और पेट्रोलियम मामलों के अंडरसेक्रेटरी शरीफ अल ओलामा ने जानकारी दी कि पिछले एक दशक में देश की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता में 63 गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साल 2015 में यह क्षमता मात्र 129 मेगावाट थी, जो बढ़कर साल 2025 में 8.2 गीगावाट से भी ज्यादा हो गई है। साल 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, देश की कुल बिजली पैदावार में से अकेले 32.4 प्रतिशत हिस्सा केवल साफ ऊर्जा का था। इस रफ्तार को बनाए रखने के लिए सरकार ने अपडेटेड UAE एनर्जी स्ट्रैटेजी 2050 के तहत भारी भरकम निवेश की योजना बनाई है। साल 2030 तक लगभग 150 अरब से 200 अरब दिरहम यानी करीब 40.8 अरब डॉलर से 54 अरब डॉलर तक का निवेश किया जाएगा। इन पैसों का इस्तेमाल साफ ऊर्जा को बढ़ावा देने, बिजली के घरेलू सिस्टम को बेहतर बनाने और ग्रिड आपस में जोड़ने के लिए किया जाएगा।

प्रमुख कंपनियों की भूमिका और आने वाली योजनाएं

इस ऊर्जा बदलाव में देश की कई बड़ी कंपनियां अहम भूमिका निभा रही हैं। मशहूर कंपनी Masdar ने साल 2030 तक 100 गीगावाट साफ ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा Dubai Electricity and Water Authority (DEWA) ने साल 2035 तक अपने स्मार्ट-ग्रिड प्रोग्राम के लिए 7 अरब दिरहम की राशि तय की है। दुबई शहर ने भी अपने लक्ष्यों को अपडेट करते हुए साल 2030 तक अपने एनर्जी मिक्स में 36 प्रतिशत साफ ऊर्जा लाने का फैसला किया है। दुनिया भर में हो रहे बदलावों को ध्यान में रखते हुए UAE साल 2030 तक हर साल एक या दो बड़े सोलर फार्म बनाने की योजना पर काम करेगा। क्षेत्रीय स्तर पर रिपोर्ट्स के मुताबिक, मिडिल ईस्ट और नॉर्थ अफ्रीका यानी MENA क्षेत्र में बिजली की मांग साल 2050 तक दोगुनी से भी ज्यादा हो जाएगी, जिससे निपटने के लिए ये तमाम कदम उठाए जा रहे हैं। इन तमाम सरकारी और निजी पहलों से वहां काम करने वाले प्रवासियों और आम नागरिकों को भविष्य में निरंतर बिजली मिलेगी और पर्यावरण भी साफ-सुथरा रहेगा।

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