UAE की बड़ी उपलब्धि, 2026 न्यूक्लियर सिक्योरिटी इंडेक्स में दुनिया भर में चौथे स्थान पर हासिल किया मुकाम

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने एक बार फिर से वैश्विक स्तर पर अपना परचम लहराया है। देश ने 2026 न्यूक्लियर सिक्योरिटी इंडेक्स में पूरी दुनिया में चौथा स्थान हासिल किया है। इस बात की जानकारी 15 सितंबर 2026 को न्यूक्लियर थ्रेट इनिशिएटिव यानी NTI ने इकोनॉमिस्ट एंटरप्राइज के साथ मिलकर जारी की है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद से पूरे देश में खुशी का माहौल है और सरकार की कड़ी मेहनत की तारीफ हर तरफ हो रही है।
कैसे हुआ मूल्यांकन और क्या रहा स्कोर
इस इंडेक्स के तहत कुल 48 देशों का मूल्यांकन किया गया था। इन सभी देशों में यह देखा गया कि वे अपने परमाणु संयंत्रों को तोड़फोड़ और अन्य खतरों से बचाने के लिए किस तरह के उपाय कर रहे हैं। इन सभी देशों की सूची में UAE ने ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर चौथा स्थान साझा किया है। इसके अलावा, परमाणु सामग्रियों की चोरी रोकने के प्रयासों के मामले में यह देश 154 देशों और क्षेत्रों में से 15वें स्थान पर रहा है। इस मामले में देश ने 100 में से 85 अंक प्राप्त किए हैं, जो इसके साल 2023 के रीकैल्कुलेटेड बेसलाइन से दो अंक ज्यादा हैं।
देश ने सुरक्षा और नियंत्रण के मामलों में जबरदस्त सुधार दिखाया है। साल 2023 में जहां इसका स्कोर 66 था, वहीं अब साल 2026 में बढ़कर यह 86 हो गया है। इन सभी पैमानों में भौतिक सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, कर्मियों की सुरक्षा, अंदरूनी खतरों से निपटना, आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता और सुरक्षा संस्कृति जैसी चीजें शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, NTI ने UAE को उन 12 देशों में शामिल किया है जो वैश्विक परमाणु सुरक्षा में प्रगति के लिए एक नए प्रेरक बल के रूप में काम कर रहे हैं। देश ने घरेलू स्तर पर सुधार जारी रखने और अंतरराष्ट्रीय संस्थागत जुड़ाव को बढ़ावा देने में सफलता पाई है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया और भविष्य की योजनाएं
इस शानदार प्रदर्शन के पीछे कई बड़े कारण हैं, जैसे कि अपडेटेड साइबर सुरक्षा प्रावधान, कर्मियों की बेहतर जांच-पड़ताल और परमाणु सुविधाओं की सुरक्षा के लिए मजबूत नियम। NTI की अध्यक्ष और सीईओ Christine E. Wormuth ने कहा कि जहां कुछ बड़े देशों की सुरक्षा व्यवस्था में गिरावट आई है, वहीं UAE वैश्विक प्रगति के लिए एक असली चमकता हुआ सितारा बना हुआ है।
फेडरल अथॉरिटी फॉर न्यूक्लियर रेगुलेशन यानी FANR के महानिदेशक Hamad Al Kaabi ने इस सफलता पर बात की। उन्होंने बताया कि ये नतीजे इस बात को पूरी तरह साफ करते हैं कि देश एक मजबूत, टिकाऊ और लगातार बेहतर होने वाली परमाणु सुरक्षा व्यवस्था के प्रति लंबे समय से प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आज के बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल और नए जोखिमों को देखते हुए हमेशा सतर्क रहना बहुत जरूरी है। UAE अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA और अन्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है।