यूएई में ड्राइवर को 64,000 रुपये तक, केरल में 15-19 हजार: सैलरी बेंचमार्क
यूएई सैलरी बेंचमार्क 2026 के अनुसार भारतीय कर्मचारी भारत के मुकाबले वहां ज्यादा कमा सकते हैं। जानें ड्राइवर और नर्सों की सैलरी का अंतर।

दुबई: नवंबर 2026 के शुरुआती सैलरी बेंचमार्क से यह सामने आया है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में काम करने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए कमाई की संभावनाएं भारत में घरेलू नौकरियों के मुकाबले काफी ज्यादा हैं। GluJob जैसे प्लेटफॉर्म्स से मिले आंकड़ों के मुताबिक, ड्राइवर, इलेक्ट्रीशियन, स्टाफ नर्स, अकाउंटेंट और सेल्स प्रोफेशनल्स जैसे पदों पर वेतन में बड़ा अंतर देखा गया है।
आंकड़ों के अनुसार, केरल में एक ड्राइवर आमतौर पर महीने के 15,000 से 19,000 रुपये कमाता है, जबकि यूएई में इसी पद के लिए लगभग 2,474 AED मिलते हैं, जो करीब 64,000 रुपये के बराबर है। इसी तरह का बड़ा अंतर इलेक्ट्रीशियनों और स्टाफ नर्सों के वेतन में भी देखा गया है।
विश्लेषण में बताया गया है कि अगर कंपनी की तरफ से रहने की जगह (accommodation) और यात्रा की सुविधा मिल जाए, तो भारतीय प्रवासी अपनी शुद्ध बचत को काफी बढ़ा सकते हैं। इससे उनके रहने और आने-जाने के खर्च कम हो जाते हैं।
अबू धाबी के लेबर मार्केट की मांग पर किए गए शोध से पता चला है कि कुछ ब्लू-कॉलर भूमिकाओं में दुबई के मुकाबले 15% से 30% तक अधिक वेतन मिल रहा है। इन बेंचमार्क का उद्देश्य नौकरी तलाशने वालों और वहां रह रहे प्रवासियों को यह तय करने में मदद करना है कि उन्हें वहां रुकना चाहिए या वापस आना चाहिए।
विशेषज्ञों ने कहा कि पारदर्शी डेटा से शोषण पर लगाम लगती है और विदेश जाने वाले भारतीय कार्यबल की उम्मीदें वास्तविक रहती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि लोग केवल ग्रॉस सैलरी के बजाय अपनी नेट सेविंग्स पर ध्यान दें।
उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे इन आंकड़ों को अपने नियोक्ता (employer) के ऑफर से जरूर मिला लें। अलग-अलग अमीरात, नियोक्ता और क्षेत्रीय आर्थिक मंदी के कारण बाजार दरों में बदलाव हो सकता है। भविष्य के रोजगार के अवसरों का मूल्यांकन करते समय एंड-ऑफ-सर्विस बेनिफिट्स, लीव पॉलिसी और यूएई की टैक्स-फ्री आय को भी ध्यान में रखने को कहा गया है।