यूएई और सऊदी अरब के बीच रेल और बिजली ग्रिड एकीकरण के लिए ऐतिहासिक समझौता

क्षेत्रीय आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सऊदी अरब ने एक बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को रियाद में दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य सीमा पार रेल कनेक्टिविटी और बिजली ग्रिड के एकीकरण को मजबूत करना है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार और ऊर्जा का आदान-प्रदान आसान हो सके।
इस अहम दस्तावेज पर यूएई के निवेश मंत्री मोहम्मद हसन अलसुवैदी और सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज ने हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी के जरिए अब दोनों देश माल और माल ढुलाई के परिवहन के लिए सामान्य सिद्धांतों पर काम करेंगे, जिससे लॉजिस्टिक्स एकीकरण को बढ़ावा मिलेगा और सप्लाई चेन की दक्षता में सुधार होगा। यह पहल न केवल सीमा पार व्यापार को सरल बनाएगी, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी सहायक होगी।
ऊर्जा क्षेत्र और क्षेत्रीय सहयोग पर जोर
रेलवे के साथ-साथ इस समझौते में बिजली ग्रिड के इंटरकनेक्शन और बिजली व्यापार (Power Trading) पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। समझौते के तहत दोनों देश एक-दूसरे को बिजली बेचने और ग्रिड को जोड़ने के लिए एक ढांचा तैयार करेंगे। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए तकनीकी, आर्थिक और पर्यावरणीय व्यवहार्यता अध्ययन (Feasibility Studies) किए जाएंगे, ताकि ऊर्जा प्रणालियों की दक्षता को अधिकतम किया जा सके और दोनों देशों को आपसी आर्थिक लाभ मिल सके।
इसके अलावा, इस MoU में अन्य खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) सदस्य देशों के साथ समन्वय करने की प्रतिबद्धता भी जताई गई है। इसका उद्देश्य GCC इंटरकनेक्शन ग्रिड का विस्तार करना है, ताकि पूरे क्षेत्र में ऊर्जा का निर्बाध आदान-प्रदान सुनिश्चित हो सके और क्षेत्रीय एकीकरण को मजबूती मिले।