UAE School Deposit Rules: यूएई में स्कूल डिपॉजिट और रिफंड के नियम अलग, पेरेंट्स जरूर जान लें

यूएई में रहने वाले प्रवासी परिवारों के लिए स्कूल की फीस और री-रजिस्ट्रेशन डिपॉजिट से जुड़े नियम हरएमीरेट्स में अलग-अलग तय किए गए हैं। दुबई, अबू धाबी और शारजाह जैसे अलग-अलग शहरों में स्कूलों के डिपॉजिट वसूलने और रिफंड देने के तौर-तरीके बिल्कुल जुदा हैं। इन बदले हुए नियमों के कारण कई बार आम परिवारों को बच्चों के दाखिले के समय काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अलग-अलग शहरों में डिपॉजिट के नियम
यूएई के सभी स्कूलों में आमतौर पर री-रजिस्ट्रेशन के लिए सालाना ट्यूशन फीस का 5% या फिर AED 500, इनमें से जो भी ज्यादा हो, डिपॉजिट के रूप में लिया जाता है। लेकिन पैसे वापस मिलने की शर्तें हर शहर में अलग हैं। दुबई में KHDA के नियमों के मुताबिक, सितंबर में शुरू होने वाले स्कूलों के लिए डिपॉजिट स्प्रिंग ब्रेक से पहले या 1 मई से पहले नहीं लिया जा सकता है। अप्रैल में सेशन शुरू करने वाले स्कूलों के लिए यह समय विंटर ब्रेक से पहले या 1 फरवरी से पहले तय किया गया है।
दुबई में अगर माता-पिता नया एकेडमिक ईयर शुरू होने से कम से कम 60 दिन पहले लिखित में नोटिस देते हैं, तो वे अपना पैसा वापस पाने के हकदार होते हैं। इसके अलावा, अगर डिपॉजिट देने के बाद कोई नई फीस बढ़ोतरी मंजूर होती है, तो पेरेंट्स के पास अपना पैसा वापस लेने के लिए केवल 10 दिन का समय होता है। दुबई के स्कूलों को अतिरिक्त सीट रिजर्वेशन चार्ज लेने की अनुमति नहीं है।
अबू धाबी और शारजाह के नियम
अबू धाबी में ADEK के नियमों के तहत स्कूल सेशन शुरू होने से 4 महीने पहले ही 5% डिपॉजिट वसूल सकते हैं। यहां दुबई की तरह 60 दिन की रिफंड की कोई पक्की गारंटी नहीं मिलती है। अगर बच्चा स्कूल वापस नहीं जाता है, तो स्कूल उस पैसे को अपने पास रख सकता है। इसलिए पेरेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे डिपॉजिट को डूबा हुआ ही समझें जब तक कि कॉन्ट्रैक्ट में साफ तौर पर कुछ और न लिखा हो।
शारजाह में SPEA के नियम के अनुसार, डिपॉजिट की सीमा 5% या AED 1,000 तक होती है और स्कूल सेशन शुरू होने के 4 महीने के भीतर इसे ले सकते हैं। शारजाह में आमतौर पर बच्चा स्कूल न जाए तो रिफंड नहीं मिलता है। वहीं रास अल खैमाह में नियम थोड़ा अलग है जहाँ नया साल शुरू होने से दो हफ्ते पहले लिखित नोटिस देने पर रिफंड मिल सकता है।
भारतीय परिवारों पर वित्तीय असर
भारतीय करिकुलम वाले स्कूलों में आम तौर पर फीस AED 25,000 से AED 40,000 के बीच होती है। ऐसे में 5% डिपॉजिट की रकम लगभग AED 1,250 से AED 2,000 प्रति बच्चा बैठती है, जो आम प्रवासी परिवारों के लिए एक बड़ा खर्च साबित होता है। 17-18 सितंबर 2026 को एजुकेशन डायरेक्टरी Talem की तरफ से जारी की गई तुलनात्मक रिपोर्ट में भी इन बातों को सामने रखा गया था।
प्रवासी परिवारों को सोशल मीडिया पर मिलने वाली आम सलाह पर भरोसा करने के बजाय सीधे स्कूल के कॉन्ट्रैक्ट को ध्यान से पढ़ने की सलाह दी जाती है। नोटिस पीरियड की तारीखों को नोट करके रखना चाहिए, वापसी का नोटिस हमेशा ईमेल के जरिए भेजना चाहिए ताकि उसका प्रूफ यानी टाइमस्टैम्प बना रहे और स्कूल के प्रशासनिक अधिकारियों से लिखित में रिफंड की शर्तों को पक्का कर लेना चाहिए।