UAE का नेपाल में बड़ा रेस्क्यू अभियान, बाढ़ में लापता हुए 10 और लोगों को ढूंढा गया बाहर.

यूएई की सर्च एंड रेस्क्यू टीम ने नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद लापता हुए 10 और लोगों को सुरक्षित ढूंढ निकाला है। इस ताजा कार्रवाई के बाद से अब तक कुल 18 लोगों को खोजा जा चुका है, जिन्हें बाढ़ आने के बाद से लापता माना जा रहा था। नेपाल में यह तबाही 26 अगस्त 2026 को ग्लेशियर फटने और उसके बाद हुए भूस्खलन के कारण आई थी, जिससे देश के कई हिस्से बुरी तरह प्रभावित हुए थे। बचाव दल इस समय मुख्य रूप से रसुवा और त्रिशूली नदी के आसपास के इलाकों में अपनी तलाश अभियान को तेजी से आगे बढ़ा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सके।
आधुनिक तकनीक और उपकरणों का इस्तेमाल
नेपाल में राहत कार्यों को और मजबूत बनाने के लिए यूएई सरकार ने वहां अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया है। बचाव अभियानों में मदद के लिए ड्रोन, एरियल सर्वे और 3D मैपिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को तैनात किया गया है ताकि प्रभावित क्षेत्रों और लापता लोगों के ठिकानों का सटीक पता लगाया जा सके। इसी कड़ी में 11 सितंबर 2026 को नेपाल में यूएई का पांचवां मानवीय सहायता विमान उतरा। इस विमान के जरिए नेपाल को रेस्क्यू बोट, ड्रोन, बिजली के उपकरण और कई जरूरी तकनीकी व लॉजिस्टिकल सामान भेजे गए हैं। इन सभी उड़ानों के जरिए यूएई की तरफ से अब तक कुल लगभग 220 टन मानवीय और राहत सामग्री पहुंचाई जा चुकी है, जिससे स्थानीय प्रशासन को काफी मदद मिल रही है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया और आपसी सहयोग
यूएई रिलीफ ऑपरेशंस के निदेशक हम्मुद अल अफरी ने इस बात की पुष्टि की है कि उनकी टीम नेपाल के स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार मिलकर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि जमीनी स्तर की खुफिया जानकारी को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन को सही दिशा मिल सके और यूएई स्थानीय टीमों की क्षमता बढ़ाने के लिए जरूरी उपकरण भी मुहैया करा रहा है। इस बारे में अधिक जानकारी आप नेपाल विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं। नेपाल के गृह मंत्री सुदान गुरुंग ने यूएई सरकार की इस मदद के लिए आभार जताया है। उन्होंने खास तौर पर इस बात पर जोर दिया कि यूएई की तरफ से दी गई रेस्क्यू बोट और जेट स्की मौजूदा खोज अभियानों में बहुत ही अहम भूमिका निभा रही हैं। इस सहायता से जुड़ी शुरुआती जानकारियां नेपाल सरकार के आधिकारिक डेली अपडेट में भी साझा की गई थीं।
अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय संगठनों का मिलाजुला प्रयास
यह पूरा राहत और बचाव अभियान यूएई सर्च एंड रेस्क्यू टीम और नेपाल के कई प्रमुख संस्थानों के आपसी सहयोग से चल रहा है। इसमें नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी यानी NDRRMA, नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और आर्म्ड पुलिस फोर्स मिलकर काम कर रहे हैं। इस आपदा के समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काफी सहयोग मिल रहा है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र यानी United Nations, नेपाल रेड क्रॉस सोसाइटी और इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस एंड रेड Crescent सोसाइटीज जैसे संगठन लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। बाढ़ से जुड़ी राहत गतिविधियों की पूरी स्थिति के बारे में विस्तार से जानने के लिए आप ReliefWeb की रिपोर्ट पढ़ सकते हैं।