UAE को मिला नया दर्जा, पैसिफिक आइलैंड्स फोरम में आधिकारिक रूप से शामिल हुआ देश.

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने कूटनीतिक संबंधों में एक और बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। देश को आधिकारिक तौर पर Pacific Islands Forum (PIF) में Strategic Partner यानी रणनीतिक साझेदार का दर्जा मिल गया है। इस बड़े फैसले से प्रशांत महासागर के द्वीपीय देशों के साथ यूएई के आपसी संबंध और व्यापारिक रिश्ते आने वाले दिनों में और ज्यादा मजबूत होंगे।
पलाऊ में हुई बैठक में लगी मुहर
यह आधिकारिक घोषणाएं पलोऊ देश के कोरोर शहर में आयोजित 55th Pacific Islands Forum Leaders' Meeting के दौरान की गई। इस सम्मेलन के तहत हुए PIF Leaders' Retreat में इस साझेदारी को अंतिम रूप दिया गया। यह बैठक 18 September 2026 को संपन्न हुई थी, जिसमें प्रशांत क्षेत्र के कई बड़े नेता शामिल हुए थे।
इस नई सदस्यता के मिलने से अब यूएई दुनिया के उन चुनिंदा देशों और संगठनों के समूह में शामिल हो गया है जो इस फोरम के रणनीतिक साझेदार हैं। इससे पहले इस लिस्ट में कुल 12 Strategic Partners पहले से ही मौजूद थे। इस विशेष समूह में चीन, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, जापान, भारत, इंडोनेशिया, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और यूरोपीय संघ जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
पहले भी कई मंचों पर किया गया था काम
यूएई और प्रशांत द्वीप देशों का यह रिश्ता नया नहीं है। इससे पहले भी यूएई सरकार ने छोटे द्वीप विकासशील देशों के साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम किया है। इसमें मुख्य रूप से जलवायु परिवर्तन से निपटना, रिन्यूएबल एनर्जी यानी नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना, सतत विकास और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार शामिल है। इस पुरानी साझेदारी को ध्यान में रखते हुए ही अब इस नए दर्जे की नींव रखी गई है।
इस शिखर सम्मेलन में देश के राष्ट्रपति His Highness Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan के प्रतिनिधि के तौर पर राज्य मंत्री Noura bint Mohamed Al Kaabi ने हिस्सा लिया था। यह उच्च स्तरीय बैठक कोरोर में 30 August से 4 September 2026 के बीच आयोजित की गई थी, जहां कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई थी।
व्यापार और तकनीक में बढ़ेगी हिस्सेदारी
इस रणनीतिक साझेदारी का मुख्य उद्देश्य दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापार, निवेश और व्यवसाय को बढ़ाना है। इसके साथ ही डिजिटल ट्रांसफॉरमेशन यानी डिजिटल बदलाव, एनर्जी ट्रांजिशन, कनेक्टिविटी और जलवायु लचीलेपन के मामलों में आपसी ज्ञान का आदान-प्रदान किया जाएगा। मंत्री Noura bint Mohamed Al Kaabi ने बताया कि यह मान्यता दोनों पक्षों के बीच सालों से चले आ रहे आपसी सम्मान और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को सामने लाती है।
इसके अलावा, कैरेबियन और प्रशांत राज्यों के लिए विदेश मंत्री के दूत Omar Shehadeh ने जानकारी दी कि इस दर्जे के मिलने से सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे। यह सब यूएई के नेतृत्व के उन निर्देशों के तहत हो रहा है, जिनका मकसद क्षेत्रीय जुड़ाव और आपसी समृद्धि को बढ़ाना है। इससे खाड़ी देशों और प्रशांत क्षेत्र के बीच आपसी आवाजाही और व्यापार में काम करने वाले लोगों को भी भविष्य में काफी फायदा पहुंचेगा।