UAE में गर्मी से बढ़ रहा है किडनी स्टोन का खतरा, डॉक्टर ने दी खास चेतावनी और बचाओ के उपाय.

यूएई की चिलचिलाती गर्मी और एसी की ठंडी हवाओं के बीच एक बड़ा और छुपा हुआ स्वास्थ्य खतरा सामने आया है, जिससे देश में रहने वाले लाखों प्रवासियों को सावधान रहने की जरूरत है। RAK Hospital के कंसलटेंट यूरोलॉजिस्ट Dr. Vinodh Kumar Manoharan ने 26 अगस्त 2026 को दुबई में एक बयान जारी कर यह चेतावनी दी है कि गर्मी के मौसम में लोग अनजाने में डिहाइड्रेशन का शिकार हो रहे हैं। एसी की ठंडक शरीर के पानी की कमी का अहसास नहीं होने देती, जिससे किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
गर्मी और खानपान कैसे बढ़ा रहे हैं मुश्किलें
डॉक्टर ने साफ किया है कि लंबे समय तक एसी में रहने के अलावा बाहर काम करने, बार-बार यात्रा करने और ज्यादा मात्रा में प्रोटीन खाने से यह समस्या और विकराल रूप ले लेती है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो पेशाब गाढ़ा हो जाता है और उसमें मौजूद खनिज आपस में मिलकर पथरी का रूप ले लेते हैं। जो लोग अक्सर बाहर धूप में मेहनत करते हैं या जिनका खानपान मांसाहारी और हाई-प्रोटीन वाला है, उन्हें विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है। यूएई में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह जानना जरूरी है कि मौसम का यह बदलाव शरीर पर सीधा असर डालता है।
कितना पानी पीना है जरूरी और क्या हैं लक्षण
इस खतरे से बचने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि सामान्य रूप से स्वस्थ वयस्कों को रोजाना कम से कम तीन लीटर पानी या तरल पदार्थ जरूर पीने चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से पेशाब पतला रहता है और पथरी बनाने वाले मिनరल्स शरीर से बाहर निकल जाते हैं। जिन लोगों को पहले भी किडनी स्टोन की शिकायत रही है या जो लोग कड़ी धूप में शारीरिक मेहनत करते हैं, उन्हें इससे भी ज्यादा पानी पीने की जरूरत पड़ सकती है। यदि किसी व्यक्ति को कमर या पीठ में लगातार तेज दर्द, पेशाब में खून आना, पेशाब करते समय जलन, मितली या उल्टी जैसी समस्याएं महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इन लक्षणों के साथ यदि बुखार या ठंड लगे, तो यह यूरिनरी ट्रैक्ट में इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है, जिसमें जरा भी देरी खतरनाक साबित हो सकती है।
मजदूरों के लिए सरकारी नियम और दिल की सेहत पर असर
प्रवासियों और खासकर खुले में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए Ministry of Human Resources and Emiratisation (MOHRE) ने दोपहर 12:30 PM से 3:00 PM तक सीधी धूप में काम करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है। कंपनियों की यह जिम्मेदारी है कि वे काम करने की जगहों पर छांव, ठंडे विश्राम स्थल, बड़े पंखे और पीने के पानी की उचित व्यवस्था करें। स्वास्थ्य सलाह के मुताबिक आउटडोर काम करने वाले लोग हर 15 से 20 मिनट में करीब 250ml पानी पिएं, इलेक्ट्रोलाइट वाले ड्रिंक्स लें और चाय-कॉफी से दूर रहें। इसके अलावा डॉक्टर यह भी बताते हैं कि अत्यधिक गर्मी और नमी के कारण दिल की सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है, जिससे शरीर में खून की मात्रा कम हो जाती है और दिल को सामान्य से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।