UAE का बड़ा फैसला, अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद सभी ईरानी उड़ानों पर लगाई रोक.

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए सभी ईरानी विमान कंपनियों की उड़ानों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। यह नया नियम 24 सितंबर 2026, दिन गुरुवार से लागू हो गया है और अगले आदेश तक ऐसा ही रहेगा। इस बात की जानकारी देश के एविएशन डिपार्टमेंट यानी UAE General Civil Aviation Authority (GCAA) ने दी है। यह फैसला अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों के तहत लिया गया है, जिसका मकसद ईरान के एविएशन सेक्टर को दुनिया भर से अलग-थलग करना है। अमेरिकी सरकार ने साफ कर दिया था कि जो भी विदेशी कंपनियां ईरान की एयरलाइंस को अपनी सेवाएं देंगी, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने 8 सितंबर 2026 को कई ईरानी एयरलाइंस को बैन कर दिया था और इसके लिए 23 सितंबर 2026 की समयसीमा तय की गई थी।
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent ने बताया कि अब ये ईरानी एयरलाइंस किसी भी देश में उड़ान भरने के लायक नहीं बची हैं। उन्होंने दुनिया भर के एयरपोर्ट्स, ग्राउंड-हैंडलिंग कंपनियों और फ्यूल सप्लायरों को कड़ी चेतावनी दी है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि जो भी कंपनी इन प्रतिबंधित एयरलाइंस की मदद करेगी, उसे अमेरिका के भारी जुर्माने का सामना करना पड़ेगा और यहां तक कि उसे अमेरिकी डॉलर सिस्टम से भी बाहर किया जा सकता है। ईरानी मीडिया ने भी इस बात की पुष्टि की है कि 24 सितंबर 2026 को आधी रात से यूएई के लिए सभी उड़ानें रद्द कर दी गईं। इनमें ईरान के तेहरान से दुबई आने वाली ईरान एयरटूर की एक फ्लाइट भी शामिल थी जिसे जमीन पर ही रोक दिया गया।
बैंकों और वित्तीय लेन-देन पर भी लगी रोक
यूएई सरकार का यह सख्त एक्शन सिर्फ उड़ानों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वित्तीय मामलों में भी कड़े कदम उठाए गए हैं। घटना से ठीक एक दिन पहले यानी 23 सितंबर 2026, बुधवार को यूएई के सेंट्रल बैंक ने ईरान के बैंक मेल्ली की सभी शाखाओं पर रोक लगा दी। अब ये बैंक यूएई से ईरान या ईरान से यूएई के बीच किसी भी तरह का पैसों का लेन-देन नहीं कर सकेंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला मनी लॉन्ड्रिंग के नियमों का पालन न करने की वजह से लिया गया है। यूएई सरकार पिछले महीने से ही ईरान के साथ सभी तरह के व्यापारिक और कमर्शियल रिश्तों को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है ताकि अंतरराष्ट्रीय नियमों का पूरी तरह से पालन किया जा सके।
दूसरे देशों में भी ईरानी उड़ानों पर गिरी गाज
इन अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का असर सिर्फ यूएई तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि बाकी देशों ने भी ऐसा ही कदम उठाया है। 24 सितंबर 2026 को तुर्कमेनिस्तान ने भी ईरानी उड़ानों को अपने एयरस्पेस का इस्तेमाल करने से मना कर दिया। इसकी वजह से तेहरान से दुशांबे जा रही एक फ्लाइट को बीच रास्ते से ही वापस तेहरान के इमाम खुमइनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लौटना पड़ा। तुर्कमेनिस्तान के अलावा इराक, ओमान, जॉर्जिया और अजरबैजान जैसे देशों ने भी ईरानी विमानों के आने-जाने पर रोक लगा दी है। हालांकि कुछ छोटी ईरानी एयरलाइंस अभी भी चीन और आर्मेनिया में अपनी सेवाएं दे रही हैं, लेकिन ईरान एयर और महान एयर जैसी बड़ी कंपनियों को भारी मुकदमों और आइसोलेशन का सामना करना पड़ रहा है। जीसीएए (GCAA) ने कहा है कि हवाई यातायात को लेकर जो भी नया अपडेट आएगा, उसकी जानकारी आगे दी जाएगी, क्योंकि यूएई अमेरिका के नेतृत्व वाले इन प्रतिबंधों का सख्ती से पालन करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।