UAE में पकड़ा गया इंटरनेशनल क्रिमिनल गैंग का मुखिया, स्वीडन पुलिस के साथ मिलकर हुई बड़ी कार्रवाई.

Nura Basta17 September 20262 min read20 viewsUAE
UAE में पकड़ा गया इंटरनेशनल क्रिमिनल गैंग का मुखिया, स्वीडन पुलिस के साथ मिलकर हुई बड़ी कार्रवाई.

UAE के गृह मंत्रालय ने गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को एक बहुत बड़ी कामयाबी की जानकारी दी। यूएई और स्वीडन की पुलिस ने मिलकर एक इंटरनेशनल क्रिमिनल गैंग का पर्दाफाश किया है और उसके मुख्य सरगना को धर दबोचा है। यह अपराधी स्वीडन का रहने वाला था और उस पर INTERPOL Red Notice जारी किया गया था। वह स्वीडन से भागकर यूएई आ गया था और उस पर मनी लॉन्ड्रिंग यानी काले धन को सफेद करने के गंभीर आरोप थे। इस कार्रवाई से दोनों देशों के बीच सुरक्षा को लेकर चल रही आपसी समझ और मजबूत तालमेल साफ नजर आता है।

स्वीडन में भी हुई धड़पकड़

जैसे ही यूएई में इस शातिर अपराधी की गिरफ्तारी हुई, ठीक उसी समय स्वीडन की सुरक्षा एजेंसियों ने भी बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। स्वीडन में इसी क्रिमिनल नेटवर्क के 6 अन्य सदस्यों को भी पुलिस ने दबोच लिया। यूएई के गृह मंत्रालय में फेडरल क्रिमिनल पुलिस के डायरेक्टर जनरल ब्रिगेडियर अब्दुलअजीज अल अहमद ने मीडिया को बताया कि इस तरह के ऑपरेशन इस बात को पक्का करते हैं कि जब दो देश मिलकर काम करते हैं तो बड़े से बड़े अपराधी कानून की गिरफ्त से नहीं बच पाते हैं। उन्होंने सही समय पर एक-दूसरे के साथ खुफिया जानकारी साझा करने के महत्व पर खास जोर दिया।

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क्रिप्टोकरocurrency से हो रहा था पैसों का खेल

जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि इस गैंग ने महज 10 महीने के अंदर लगभग 7 करोड़ स्वीडिश क्रोना यानी भारतीय रुपयों के हिसाब से बहुत बड़ी रकम और यूएई की मुद्रा में 2.65 करोड़ दिरहम (AED 26.5 million) का काला कारोबार किया था। यह गैंग गैरकानूनी कामों से मिलने वाले कैश को अलग-अलग रास्तों से दूसरे अपराधियों तक पहुंचाता था। पुलिस और जांचकर्ताओं ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए इन पैसों के आने-जाने के रास्तों का पता लगाया। उन्होंने खासतौर पर क्रिप्टोकरेंसी की मदद से इस पूरे लेन-देन की तह तक पहुंचकर गैंग के काले कारनामों का पर्दाफाश किया।

डिजिटल सबूतों से खुले गंभीर राज

जब पुलिस ने गैंग के पास से मिले डिजिटल सामान और क्रिप्टोकरेंसी के लेन-देन की जांच की, तो कई डरावनी बातें सामने आईं। जांच में पता चला कि इस गिरोह का संबंध केवल पैसे की हेराफेरी तक ही सीमित नहीं था, बल्कि वे और भी कई खतरनाक और गंभीर अपराधों में जुड़े हुए थे। इनमें बड़े पैमाने पर ऑर्गेनाइज़्ड क्राइम और सुपारी लेकर हत्याएं यानी कॉन्ट्रैक्ट किलिंग जैसे घिनौने काम भी शामिल थे। स्वीडन के बड़े अधिकारियों ने इस साझा ऑपरेशन की सफलता पर अपनी मुहर लगाई और पूरे अभियान के दौरान दोनों देशों के बीच बनी बेहतरीन आपसी तालमेल की खुलकर तारीफ की।

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