Flydubai विमान में कॉकपिट के भीतर खूनी संघर्ष, UAE ने शुरू की आतंकी जांच

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अभियोजक ने फ्लाईदुबई (flydubai) की एक उड़ान के दौरान हवा में हुई हिंसक घटना की आधिकारिक तौर पर आतंकवाद के एंगल से जांच शुरू कर दी है। यह मामला तब सामने आया जब बोइंग 737 MAX 8 विमान में कॉकपिट के भीतर एक चालक दल के सदस्य ने दूसरे पर हमला कर दिया, जिससे विमान अचानक ऊंचाई से नीचे गिरने लगा।
क्या है पूरी घटना?
जानकारी के अनुसार, फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073, जिसमें 174 यात्री सवार थे, 30 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई थी। सुबह करीब 9:21 बजे, जब विमान सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र के ऊपर था, तब अचानक विमान की ऊंचाई में भारी गिरावट देखी गई। ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि विमान लगभग 20,000 फीट नीचे की ओर जा गिरा, जिसमें से शुरुआती संघर्ष के दौरान ही यह 14,000 फीट तक नीचे आ गया था।
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इस संकट के बीच, विमान के कैप्टन, जो कि मुंबई के रहने वाले कैप्टन स्मित मछ्छर हैं, ने अदम्य साहस का परिचय दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फर्स्ट ऑफिसर ने कैप्टन पर चाकू से हमला किया और विमान को क्रैश करने की कोशिश की। घायल होने के बावजूद, कैप्टन मछ्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता प्राप्त की, इससे पहले कि वे बेहोश हो जाते।
विमान में मौजूद यात्रियों और ड्यूटी पर न होने वाले फ्लाईदुबई क्रू सदस्यों ने तुरंत मोर्चा संभाला और हमलावर को काबू में कर लिया। इसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज एयरपोर्ट पर उतारा गया।
जांच और वैश्विक प्रतिक्रियाएं
इस घटना को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग बयान आ रहे हैं। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि फर्स्ट ऑफिसर ने कैप्टन को चाकू मारा और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने का प्रयास किया। वहीं, इजरायली रक्षा मंत्री ने इसे एक जिहादी आतंकी हमला करार दिया है।ब>
कैप्टन स्मित मछ्छर, जिनके पास 9,500 से अधिक उड़ान घंटों का अनुभव है, फिलहाल सऊदी अरब में सर्जरी के बाद स्थिर स्थिति में हैं। रियाद में भारतीय दूतावास ने उनकी स्थिति की पुष्टि की है। इस घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय नेतृत्व ने भी कैप्टन के साहस की सराहना की है।
जांच जारी है
UAE के अभियोजक डॉ. हमद सैफ अल शमसी ने जनता से अपील की है कि वे बिना पुष्टि के किसी भी दावे को न फैलाएं। जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी के साथ मिलकर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या यह हमला किसी पूर्व नियोजित आतंकवादी साजिश का हिस्सा था।