UAE में यूनिवर्सिटी के नियमों में बड़ा बदलाव, बिना मान्यता के कोर्स चलाने पर लगेगा 5 लाख रुपये तक का जुर्माना.

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE में उच्च शिक्षा और वोकेशनल कोर्स को लेकर एक नया नियम लागू किया गया है, जिससे सभी शिक्षण संस्थानों में हड़कंप मच गया है। इस नए राष्ट्रीय नियामक ढांचे के तहत अब यूनिवर्सिटीज को अपनी मनमानी चलाने की अनुमति नहीं होगी और पढ़ाई के स्तर को सुधारने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं।
नया नियम और भारी जुर्माना
अबू धाबी में किए गए ऐलान के अनुसार, Cabinet Resolution No. 143 of 2026 को 12 सितंबर 2026 से लागू कर दिया गया है। इसके तहत अब किसी भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी को केवल संस्थागत लाइसेंस मिलने से काम नहीं चलेगा, बल्कि हर एक कोर्स के लिए अलग से मान्यता यानी प्रोग्राम एक्रेडिटेशन लेना अनिवार्य होगा। यदि कोई संस्थान बिना इस विशेष मान्यता के किसी कोर्स को चलाता है या उसका प्रचार करता है, तो इसे कानून का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में दोषी संस्थानों पर 500,000 दिरहम तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि ये जुर्माना सीधे तौर पर छात्रों पर नहीं बल्कि संस्थान पर लगाया जाएगा। नियमों का बार-बार उल्लंघन करने पर नए एडमिशन रोकने और संस्थान का लाइसेंस तक रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई की जा सकती है। एकेडमिक एक्रेडिटेशन आयोग के निदेशक प्रो. अमजद कंदील ने साफ चेतावनी दी है कि जो संस्थान छात्रों को आसानी से पास करने के लिए परीक्षा के पेपर आसान बनाते हैं, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नया फीस ढांचा और वित्तीय गारंटी
सरकार ने Cabinet Resolution No. 103 of 2026 के जरिए नया फीस स्ट्रक्चर भी जारी किया है। इसके तहत संस्थागत लाइसेंस की एकमुश्त फीस 100,000 दिरहम तय की गई है। वहीं, किसी भी कोर्स की मान्यता या उसके नवीनीकरण के लिए प्रति कोर्स हर साल 15,000 दिरहम फीस चुकानी होगी, जिसकी अधिकतम सीमा एक संस्थान के लिए 200,000 दिरहम रखी गई है। इसके अलावा योग्यता मान्यता आवेदन के लिए 50 दिरहम की फीस लगेगी। छात्रों के हितों की सुरक्षा के लिए संस्थानों को अपनी छात्र संख्या के आधार पर 200,000 दिरहम से लेकर 1 मिलियन दिरहम तक की वित्तीय गारंटी जमा करनी होगी। यह नया नियम भी 12 सितंबर 2026 से प्रभावी हो गया है, हालांकि पुराने संस्थानों और स्कॉलरशिप पर पढ़ने वाले छात्रों के लिए यह फीस अगले वित्तीय वर्ष से लागू की जाएगी। नियमों के तहत यह भी अनिवार्य किया गया है कि यदि किसी संस्थान पर कोई कार्रवाई होती है, तो वह छात्रों के रिकॉर्ड और उनकी फीस के पैसों की पूरी सुरक्षा करेगा और जरूरत पड़ने पर अवैध फीस का रिफंड भी देना होगा।
भारतीय छात्रों और परिवारों के लिए खास सलाह
UAE में रह रहे भारतीय छात्रों और उनके माता-पिता को सलाह दी गई है कि वे दाखिला लेते समय पूरी सावधानी बरतें। यदि कोई कॉलेज या एजेंट गारंटीड पास या बिना परीक्षा के डिग्री देने का दावा करता है, तो इसे बड़ा खतरा समझें। छात्रों को चाहिए कि वे केवल संस्थान के सामान्य लाइसेंस पर भरोसा न करें, बल्कि Commission for Academic Accreditation (CAA) के सार्वजनिक डेटाबेस पर जाकर संबंधित कोर्स की मान्यता की स्थिति की जांच जरूर करें। इसके अलावा छात्रों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी डिग्री का नाम आधिकारिक तौर पर मान्यता प्राप्त कोर्स के नाम से मेल खाता हो। केवल एजेंटों की मौखिक बातों में आकर पैसे देने से बचें और सभी जरूरी जानकारी मंत्रालय के आधिकारिक चैनलों के माध्यम से ही सत्यापित करें।