UAE ने अपग्रेड किया वेज प्रोटेक्शन सिस्टम, अब प्राइवेट सेक्टर में समय पर मिलेगी सैलरी

यूएई ने वेज प्रोटेक्शन सिस्टम (WPS) को अपग्रेड किया है। अब प्राइवेट सेक्टर में सैलरी पेमेंट के लिए 15 दिन की मोहलत खत्म कर दी गई है।

Pankhuri Motani30 October 20262 min read0 viewsUAE
UAE ने अपग्रेड किया वेज प्रोटेक्शन सिस्टम, अब प्राइवेट सेक्टर में समय पर मिलेगी सैलरी

अबू धाबी: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए वेतन भुगतान प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और तेज बनाने के लिए अपने वेज प्रोटेक्शन सिस्टम (WPS) को अपग्रेड किया है। इस नए बदलाव का मकसद सैलरी प्रोसेसिंग को पेपरलेस बनाना और इसमें सटीकता लाना है।

मानव संसाधन और अमीरातीकरण मंत्रालय (MoHRE), यूएई सेंट्रल बैंक (CBUAE) और अल इतिहाद पेमेंट्स ने मिलकर इस सिस्टम की शुरुआत दिसंबर 2025 में की थी। 28 अक्टूबर 2026 को इस प्रणाली का विस्तार करते हुए इसमें सात और वित्तीय संस्थानों को जोड़ा गया है। अब कुल 17 पार्टनर संस्थान इस सिस्टम का हिस्सा हैं।

इन संस्थानों में फर्स्ट अबू धाबी बैंक, एमिरेट्स एनबीडी, दुबई इस्लामिक बैंक, मशरेक बैंक, अजमान बैंक, लारी एक्सचेंज, फर्स्ट गल्फ एक्सचेंज सेंटर, अल अंसारी एक्सचेंज, लुलु एक्सचेंज, जीसीसी एक्सचेंज, अल फर्डन एक्सचेंज, वियो बैंक, अबू धाबी इस्लामिक बैंक, अल मरयाह कम्युनिटी बैंक, हबीब बैंक एजी ज्यूरिख, ईएंड ग्रुप और बोटिम शामिल हैं।

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मिनिस्ट्रियल रेजोल्यूशन नंबर 340 के तहत, जो 1 जून 2026 से लागू हुआ है, निजी क्षेत्र के नियोक्ताओं के लिए अब महीने की पहली तारीख तक वेतन का भुगतान करना अनिवार्य है। पहले दी जाने वाली 15 दिनों की ग्रेस पीरियड (छूट अवधि) को अब पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।

नियमों के मुताबिक, यदि कोई नियोक्ता नियत तारीख तक कुल मासिक पेरोल का 85% हिस्सा वितरित कर देता है, तो उसे अनुपालन करने वाला माना जाएगा। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि कर्मचारी के पूरे वेतन का अधिकार खत्म हो जाएगा। भुगतान में देरी करने वालों के खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक चेतावनी, परमिट निलंबन, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई जैसे सख्त कदम उठाए जाएंगे।

MoHRE की असिस्टेंट अंडरसेक्रेटरी दलाल अल शेही ने इस अपग्रेड किए गए सिस्टम को एक एकीकृत डिजिटल वित्तीय प्लेटफॉर्म बताया है। अल इतिहाद पेमेंट्स के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर डॉ. तारिक अल हावी के मुताबिक, यह प्लेटफॉर्म यूएई के डिजिटल वित्तीय बुनियादी ढांचे में एक बड़ी प्रगति है, जो सरकारी और वित्तीय संस्थाओं को एक सुरक्षित ढांचे के तहत जोड़ता है।

यह सिस्टम रीयल-टाइम डेटा एक्सचेंज के लिए सुरक्षित एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (API) का उपयोग करता है। वर्तमान में यह निजी क्षेत्र के 99% से अधिक श्रमिकों को कवर करता है और इसके जरिए हर महीने औसतन 37 बिलियन एईडी का ट्रांसफर होता है। अब नियोक्ता बिना किसी कागजी कार्रवाई या वित्तीय संस्थानों में व्यक्तिगत रूप से जाए, डिजिटल तरीके से पेरोल मैनेज कर सकते हैं।

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