UAE Visa Update: यूएई में अचानक रद्द हुए हज़ारों प्रवासियों के वीज़ा, नौकरीपेशा लोग परेशान.

यूएई की यात्रा पर अपने देश गए लगभग 4,800 बांग्लादेशी प्रवासियों के लिए एक बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। इन सभी के यूएई रेसिडेंस और वर्क वीज़ा अचानक रद्द कर दिए गए हैं, जिससे वे वापस अपनी नौकरी, बिजनेस और परिवारों के पास नहीं लौट पा रहे हैं। 16 सितंबर 2026 तक सामने आए इस मामले ने उन लोगों को संकट में डाल दिया है जो छुट्टी पर अपने वतन गए थे। प्रवासी कल्याण राज्य मंत्री नुरुल हक नुर ने शुरुआत में 7 सितंबर को 4,000 मामलों की पुष्टि की थी, जिसके बाद मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार यह आंकड़ा बढ़कर 4,800 हो गया है। लोगों को ये कैंसिलेशन नोटिस ईमेल या एसएमएस के जरिए मिले हैं, जिनमें वीज़ा रद्द होने की कोई वजह नहीं बताई गई है।
वीज़ा रद्द होने से प्रवासियों में बढ़ी चिंता
अबुल कलाम आज़ाद, जो यूएई में 27 साल से रह रहे हैं और 7 अप्रैल 2026 को बांग्लादेश गए थे, उन्होंने बताया कि उन्हें बिना किसी कारण के 24 जुलाई को वीज़ा रद्द होने का नोटिस मिला। आमतौर पर यूएई के नियमों के मुताबिक अगर कोई निवासी देश से बाहर लगातार छह महीने से ज्यादा रहता है, तो उसका वीज़ा रद्द किया जा सकता है। लेकिन प्रभावित लोगों का दावा है कि वे केवल दो से तीन महीने से ही बाहर थे। रिपोर्ट्स से यह भी पता चलता है कि पाकिस्तानी प्रवासियों को भी इस तरह की वीज़ा समस्याओं का सामना करना पड़ा है। इस पूरी स्थिति ने गल्फ देशों में रहने वाले अन्य प्रवासियों और भारत से काम के सिलसिले में आने-जाने वाले लोगों के मन में भी चिंता बढ़ा दी है।
प्रभावित परिवारों की सरकार से मांगें
वर्तमान में लगभग 1.2 मिलियन बांग्लादेशी यूएई में रहते हैं, जो वहां का तीसरा सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है। वर्ष 2023-24 के दौरान यूएई से बांग्लादेश को भेजा गया कुल रेमिटेंस 3.65 अरब डॉलर था। पिछले दिनों लगभग 350 प्रभावित लोगों ने ढाका के नेशनल प्रेस क्लब में इकट्ठा होकर सरकार के सामने 22 सितंबर की डेडलाइन रखी। उन्होंने सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें वित्तीय सहायता और पुनर्वास, परिवारों के लिए 15,000 से 20,000 टका का मासिक भत्ता, वैकल्पिक रोजगार दिलाने में मदद, सभी वीज़ा रद्दीकरण की औपचारिक समीक्षा और दोनों सरकारों के बीच पारदर्शी बातचीत शामिल है।
प्रशासनिक और कूटनीतिक प्रयास
बांग्लादेश सरकार ने इस मामले को लेकर कूटनीतिक बातचीत शुरू कर दी है और हर मामले की अलग से समीक्षा करने का अनुरोध किया है। समुदाय के प्रतिनिधियों का मानना है कि यह सख्ती क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं, दस्तावेजों की जांच की प्रक्रियाओं और ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, यूएई सरकार ने इन आंकड़ों की पुष्टि करते हुए या वीज़ा रद्द होने के आधिकारिक कारणों को लेकर कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है। विशेषज्ञों की सलाह है कि प्रवासियों को छह महीने की अनुपस्थिति के नियम को लेकर सतर्क रहना चाहिए, अपने एंट्री-एग्जिट स्टाम्प और लेबर कार्ड जैसे सभी कागजात संभाल कर रखने चाहिए और वीज़ा रद्द होने का नोटिस मिलने पर तुरंत संबंधित दूतावास से संपर्क करना चाहिए। किसी भी आधिकारिक अपडेट के लिए केवल आईसीए और मोहर्रे चैनलों की जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए।