ब्रिटेन में एयरबेस के पास संदिग्ध आतंकी हरकत, पांच लोग गिरफ्तार और बम निरोधक टीम तैनात.

ब्रिटेन के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में अमेरिकी वायु सेना के इस्तेमाल किए जाने वाले एक प्रमुख एयरबेस के पास संदिग्ध गतिविधि का मामला सामने आया है। लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इन सभी संदिग्धों पर आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने का गंभीर संदेह जताया जा रहा है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके में चौकसी बढ़ा दी है और मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है।
आतंकवाद रोधी पुलिस ने संभाली कमान
मेट्रोपॉलिटन पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्लॉस्टरशायर स्थित आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस के पास रात के समय यह पूरी घटना घटी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अब इस मामले की जांच आतंकवाद रोधी पुलिस कर रही है। इससे पहले स्थानीय ग्लॉस्टरशायर पुलिस ने इन पांचों संदिग्धों को विस्फोटक से जुड़े कानूनों के तहत संदिग्ध अपराधों के आरोप में अपनी हिरासत में लिया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती दौर में मिले साक्ष्यों के आधार पर ही यह कार्रवाई की गई है और आगे की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
एयरबेस पर अमेरिकी बमवर्षक विमानों का होता है इस्तेमाल
जांच के दायरे में आया आरएएफ फेयरफोर्ड ब्रिटिश वायु सेना का एक महत्वपूर्ण ठिकाना है, जहां अमेरिकी बमवर्षक विमानों का भी संचालन और इस्तेमाल किया जाता है। इस सामरिक रूप से संवेदनशील ठिकाने के पास संदिग्ध गतिविधि पाए जाने के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया। घटना के तुरंत बाद सेना के बम निरोधक विशेषज्ञों को मौके पर बुलाया गया। इन विशेषज्ञों ने कई संदिग्ध वाहनों की गहन जांच शुरू की ताकि किसी भी तरह के संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके।
पुलिस ने घोषित किया मेजर इंसीडेंट
प्रशासन ने इस पूरी घटना को अत्यधिक संवेदनशील मानते हुए इसे ‘मेजर इंसीडेंट’ यानी बड़ा हादसा या गंभीर घटना घोषित किया। मीडिया रिपोर्ट्स और आसमान से ली गई तस्वीरों में तीन सफेद ट्रकों के आसपास बम निरोधक रोबोट को काम करते हुए साफ देखा गया। जांच के दौरान इनमें से दो वाहनों के पिछले दरवाजे खुले हुए थे और उनके आसपास कुछ बड़े काले रंग के सामान बिखरे हुए नजर आए, जिससे सुरक्षा एजेंसियों का शक और अधिक गहरा गया। फिलहाल पुलिस की विशेष टीमें सभी गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं और उनकी हर गतिविधि तथा परिस्थितियों की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि इस साजिश के पीछे के असली मकसद का पता लगाया जा सके।