Saudi Arabia पर मंडराया खतरा, UK ने दिया डिफेंस का साथ, सऊदी जेट्स को मिलेगी मदद.

Nura Basta21 September 20262 min read11 viewsSaudi
Saudi Arabia पर मंडराया खतरा, UK ने दिया डिफेंस का साथ, सऊदी जेट्स को मिलेगी मदद.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Andy Burnham ने सोमवार, 21 सितंबर 2026 को यह एलान किया कि उनकी सरकार ने सऊदी अरब की एक खास मांग को मान लिया है। सऊदी अरब को रक्षात्मक यानी डिफेंसिव एयर-टू-एयर रीफ्यूलिंग यानी हवा में ईंधन भरने में मदद दी जाएगी। यह तैनाती कुछ हफ्तों के सीमित समय के लिए होगी, जिससे बड़े क्षेत्र में शांति बनाए रखने और ग्लोबल ट्रेड रूट्स यानी वैश्विक व्यापार मार्गों की सुरक्षा करने में आसानी होगी। प्रधानमंत्री ने यह साफ किया कि यह फैसला देश के डिफेंस मिनिस्टर Wes Streeting और फॉरेन सेक्रेटरी Ed Miliband की सलाह के बाद लिया गया है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक gov.uk पोर्टल पर देखा जा सकता है।

हवा में ईंधन भरने के लिए तैनात होगा रॉयल एयर फोर्स का विमान

इस मिशन के तहत ब्रिटेन की तरफ से एक रॉयल एयर फोर्स यानी RAF Voyager विमान को तैनात किया जाएगा। इस विमान का मुख्य काम उन सऊदी जेट्स में हवा में ईंधन भरना होगा, जो आने वाले ड्रोन और मिसाइल हमलों से बचाव का काम कर रहे हैं। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि यह मदद केवल ईंधन भरने तक ही सीमित है और इसे सीधी लड़ाई में हिस्सा लेना नहीं माना जाएगा। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब ब्रिटेन मिडिल ईस्ट की अशांति का असर ग्लोबल एनर्जी की कीमतों और देश के घरेलू खर्च पर न पड़ने देने के लिए पूरी कोशिश कर रहा है। साथ ही इससे ब्रिटिश हितों की सुरक्षा भी पक्की हो रही है। इस फैसले से जुड़ी और जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय की वेबसाइट gov.uk पर उपलब्ध है।

क्षेत्रीय तनाव और हूती हमलों का असर

यह नई मदद पहले से सऊदी अरब में तैनात UK Sky Sabre एयर डिफेंस सिस्टम के साथ मिलकर काम करेगी, जिसे इस साल 2026 के शुरुआती महीनों में क्षेत्रीय खतरों से निपटने के लिए भेजा गया था। यह मांग ऐसे समय में आई है जब यमन के ईरान समर्थित हूती समूह ने अपने हमलों को बहुत तेज कर दिया है। इन हालिया हमलों में बाब अल-मदब जलडमरूमध्य और मोखा जैसे बंदरगाह शहर के रणनीतिक इलाकों को निशाना बनाया गया है। यह पूरा मामला उस बड़े क्षेत्रीय संघर्ष से जुड़ा हुआ है जो फरवरी 2026 के आखिर में ईरान पर हुए हमलों के बाद और ज्यादा बढ़ गया था। प्रधानमंत्री Andy Burnham ने यह घोषणा संयुक्त राष्ट्र महासभा यानी United Nations General Assembly में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क जाते समय रास्ते में की थी।

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