UK Budget: ब्रिटेन के बजट पर ईरान युद्ध का बड़ा असर, महंगाई और महंगे कर्ज ने बढ़ाई चिंता.

ब्रिटेन के चांसलर John Healey ने आगामी राष्ट्रीय बजट को लेकर एक सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका-इजरायल गठबंधन और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण देश की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव पड़ रहा है। 5 सितंबर 2026 को दिए गए बयान में उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्य पूर्व में जारी तनाव सीधे तौर पर ब्रिटेन की महंगाई, आर्थिक विकास और कर्ज की लागत को प्रभावित कर रहा है। मौजूदा वैश्विक माहौल को बेहद खतरनाक और अनिश्चित बताते हुए उन्होंने कहा कि वह अपने पहले बजट से पहले वित्तीय सुरक्षा तैयार करने के लिए प्रधानमंत्री Andy Burnham के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उनका यह नया बजट आगामी 28 अक्टूबर को पेश किया जाना तय हुआ है।
कड़े वित्तीय नियमों और टैक्स पर जोर
चांसलर का मुख्य उद्देश्य बाजार का भरोसा बनाए रखना और क्षेत्रीय निवेश मंजूरियों में तेजी लाना है। उनकी वित्तीय रणनीति में कड़े नियमों का पालन करना, कॉरपोरेशन टैक्स की सीमा को 25% पर बनाए रखना और मौजूदा संसद के कार्यकाल के अंत तक बजट को अधिशेष यानी सरप्लस में वापस लाने का प्रयास शामिल है। इन चिंताओं को ब्रिटिश चैंबर्स ऑफ कॉमर्स (BCC) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक एंड Social Research (NIESR) के हालिया अनुमानों से भी बल मिला है, जिन्होंने 4 सितंबर 2026 को अपने आंकड़े जारी किए थे। BCC ने साल 2026 और 2027 दोनों के लिए जीडीपी विकास दर 1.0% रहने का अनुमान लगाया है। इसके अलावा, युद्ध के कारण पैदा हुए व्यापारिक दबावों की वजह से साल 2026 में निर्यात में केवल 0.4% की वृद्धि होने की बात कही गई है।
अर्थव्यवस्था और महंगाई पर युद्ध की मार
बाजार में अस्थिरता साफ तौर पर दिखाई दे रही है, क्योंकि बैंक ऑफ इंग्लैंड ने ऊर्जा परिवहन और सप्लाई चेन में रुकावट की आशंका के चलते 30 जुलाई 2026 को अपनी बैंक दर को 3.75% पर स्थिर रखा। अधिकारियों का मानना है कि इन वजहों से घरेलू बिजली-पानी के बिल और मोटर ईंधन की कीमतें और अधिक बढ़ जाएंगी। ट्रेजरी के अधिकारियों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में संघर्ष साल 2026 के अंत तक जारी रहता है, तो ब्रिटिश अर्थव्यवस्था में बहुत कम विकास देखने को मिलेगा। शहर के अर्थशास्त्री ट्रेजरी को अधिक लचीलापन देने के लिए नए टैक्स बढ़ाने की वकालत कर रहे हैं, क्योंकि गिल्ट यील्ड लगातार ऊपर जा रही है।
वैश्विक स्तर पर आर्थिक और सैन्य तनाव
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमलों और शिपिंग पर जवाबी धमकियों के बाद दुनिया भर में आर्थिक जवाबी कार्रवाई शुरू हो चुकी है। अमेरिका ने ईरानी तेल, शिपिंग, विमानन और डिजिटल संपत्तियों को निशाना बनाने के लिए 'Operation Economic Outcast' शुरू किया है। इसके तहत 4 सितंबर 2026 को एक तुर्की बैंक पर भी नए प्रतिबंध लगाए गए, जिस पर ईरानी सरकार से संबंध होने का आरोप है। इन घटनाओं के बीच सैन्य तनाव भी अपने चरम पर है। 5 सितंबर 2026 को ईरान के खर्ग द्वीप के पास विस्फोटों की खबरें सामने आईं, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रुड ने ईरान के 'पिकएक्स माउंटेन' परमाणु ठिकानों पर संभावित हमलों को लेकर चेतावनियां दी हैं। आंतरिक मोर्चे पर भी पेंटागन ने युद्ध के प्रयासों से जुड़े लीक मामलों की जांच के लिए अपने 50 ज्वॉइंट स्टाफ सदस्यों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया है।