सऊदी एयरपोर्ट्स पर हूती हमलों की यूके ने की कड़ी निंदा, कई देशों में आक्रोश

यूनाइटेड किंगडम ने सऊदी अरब के नागरिक बुनियादी ढांचे, विशेष रूप से अबहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। यूके के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (FCDO) ने स्पष्ट किया है कि इन लापरवाह सैन्य अभियानों के खिलाफ वह सऊदी अरब के साथ पूरी तरह खड़ा है।
6 से 8 अक्टूबर 2026 के बीच हुए इन हमलों ने भारी तबाही मचाई है। इस हिंसा में तीन लोगों की जान चली गई, जिनमें मिस्र, अल्जीरिया और सूडान के नागरिक शामिल थे। इसके अलावा, बांग्लादेश, फिलीपींस और पाकिस्तान मूल के लोगों सहित कुल 36 लोग घायल हुए हैं। हमलों का असर इतना गंभीर था कि किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सऊदी एयरलाइंस का एक कमर्शियल विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इतना ही नहीं, रियाद में एक किंडरगार्टन और मेडिकल क्लिनिक को भी मिसाइलों के मलबे से नुकसान पहुंचा है।
हूती हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप और जवाबी कार्रवाई
सऊदी अरब के जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) ने घटना के तुरंत बाद इमरजेंसी रिस्पांस टीमों को तैनात किया था। वहीं, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने चेतावनी दी है कि नागरिकों को निशाना बनाने वाली इस बर्बरता को माफ नहीं किया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि गठबंधन ने जवाबी कार्रवाई करते हुए यमन में हूती विद्रोहियों के 82 सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है।
दूसरी ओर, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि उन्होंने एयरपोर्ट ट्रैफिक को बाधित करने में सफलता पाई है। उन्होंने वैश्विक एयरलाइंस को सऊदी हवाई क्षेत्र से बचने की चेतावनी भी दी। इस तनावपूर्ण स्थिति के कारण लुफ्थांसा और एयर इंडिया जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने रियाद के लिए अपनी उड़ानें निलंबित कर दी हैं। किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने भी यात्रियों को सलाह दी है कि वे एयरपोर्ट आने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने इस हिंसा को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन बताया है। यूके के अलावा ओमान, कतर, कुवैत, यूएई, फ्रांस, भारत और जॉर्डन जैसे देशों और संगठनों ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है।