सऊदी अरब के नागरिक ठिकानों पर हूती हमलों की ब्रिटेन ने की कड़ी निंदा

ब्रिटेन ने सऊदी अरब के नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए गए हूती विद्रोहियों के हालिया हमलों की औपचारिक रूप से कड़ी निंदा की है। 8 अक्टूबर, 2026 को जारी एक आधिकारिक बयान में ब्रिटेन ने इन हमलों को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक सीधा खतरा बताया है। यह कूटनीतिक प्रतिक्रिया 7 अक्टूबर को हुई हिंसक घटनाओं के बाद आई है, जिसने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है।
बता दें कि 7 अक्टूबर, 2026 को हूती विद्रोहियों ने रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अबहा एयरपोर्ट पर भीषण हमले किए थे। इन हमलों में तीन विदेशी नागरिकों की जान चली गई, जिनकी पहचान मोरक्को, अल्जीरिया और सूडान के नागरिकों के रूप में हुई है। इसके अलावा, इस हिंसा में 36 अन्य लोग घायल हुए हैं। इसी दौरान सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने रियाद के उत्तर में एक बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक मार गिराने की भी जानकारी दी।
क्षेत्रीय सुरक्षा और सैन्य सहयोग
ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि हूती मिलिशिया इन हमलों और उनके परिणामों के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है। ब्रिटेन का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल सुरक्षा को खतरे में डालती हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय नौवहन और महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों के लिए भी जोखिम पैदा करती हैं।
इस संकट की गंभीरता को देखते हुए, प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने सऊदी अरब के रक्षा अभियानों के लिए सीमित सैन्य सहायता देने की मंजूरी दी है। इस सहायता में ड्रोन और मिसाइल खतरों से निपटने के लिए 'एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग' (हवा में ईंधन भरना) जैसी सुविधाएं शामिल हैं। ब्रिटेन सरकार का यह भी स्पष्ट मत है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सऊदी अरब को अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा करने का पूरा अधिकार है।